मानसून में अपने नौनिहालों को बीमारी से बचाने के लिए बरते यह सावधानीयां , सोचसमझकर करे कपड़ों और फुटवियर का चुनाव
बारिश अपने साथ न सिर्फ पानी और हरियाली लेकर आती है बल्कि कई सारी बीमारियां भी लाती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर होता है। हवा में नमी होने के कारण सीलन, फंगस और दूषित खाना-पान बच्चों को तुरंत बीमार कर देता है। बारिश में बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
सॉफ्ट टॉय की सफाई का ध्यान रखे
बच्चो को उनके सॉफ्ट टॉय से बेहद लगाव होता है लेकिन बारिश में यही उनके खराब स्वास्थ का कारण बन सकते है। नमी के कारण सॉफ्ट टॉय में धुल या डस्ट माईस्ट जम सकती है। ऐसे में उन्हें समय-समय पर गर्म पानी से धोने से 95% डस्ट को कम किया जा सकता है। बारिश में बच्चों के सॉफ्ट टॉय को थोड़े दिनों में धोना बेहद आवश्यक है।
दीवारों से सीलन को रखे दूर
अगर आपके घर की दीवारों में सीलन या फंगस है तो उसे बिलकुल नज़रअंदाज़ न करे। इससे अस्थमा, खांसी और एलर्जी की समस्या हो सकती है। अगर बाचे को बिना सर्दी के खासी या सांस लेने में दिक्क़त होती है सीलन, फंगस और एसी के फ़िल्टर की जांच करे। किसी भी तरह की स्मेल को अनदेखा नहीं करे।
ध्यान से करे फुटवियर का चुनाव
बच्चों के लिए बारिश में सही फुटवियर चुनना भी बहुत आवश्यक है। चमड़े के जूते-चप्पल पहनाने से बच्चों के पाँव में फंगस होने का खतरा रहता है। क्रॉक्स जैसे खुले फुटवियर पहनने से बच्चो के पाँव ज्यादा गीले नहीं होते और हवा लगती रहती है। इसके साथ ही उनके पाँव को अच्छे से पोछना भी जरुरी है।
कपड़ों को सही से सुखाना जरुरी
मानसून में सबसे ज्यादा जरुरी बच्चों के कपड़ों को अच्छी तरह सुखाना है। अगर कपड़ों में ज़रा-सी भी नमी रह जाती है तो उनमे फंगस लगने के खतरा रहता है और उन्हें फंगल इन्फेक्शन या स्किन डिसीस होने का खतरा बढ़ सकता है।