यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, पहली भारतीय महिला बनीं जिसने जड़ा टेस्ट शतक
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज़ यास्तिका भाटिया ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर टेस्ट शतक लगाकर इतिहास रच दिया। वह इस मैदान पर टेस्ट शतक जड़ने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई हैं। क्रिकेट के इस ऐतिहासिक मैदान पर जहां भारतीय पुरुष टीम के दिग्गज बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भी टेस्ट शतक नहीं लगा सके, वहीं यास्तिका ने अपनी यादगार पारी से भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
अपने ऐतिहासिक शतक के बाद यास्तिका ने कहा कि लॉर्ड्स में खेलना और यहां बड़ी पारी खेलना उनका सपना था। उन्होंने बताया कि शतक लगाने के बाद उनका परिवार बेहद खुश है। यास्तिका ने कहा कि पिछले कुछ साल उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं रहे। चोटों के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। उनका मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार क्रिकेट खेली है और इसकी सबसे बड़ी वजह खिलाड़ियों की मजबूत मानसिकता है। उनके अनुसार क्रिकेट में करीब 80 प्रतिशत भूमिका मानसिक मजबूती की होती है।
‘महिला क्रिकेट को पुरुष क्रिकेट जितनी सराहना नहीं मिलती, लेकिन सुविधाओं में कोई कमी नहीं’
महिला क्रिकेट को मिलने वाली पहचान पर यास्तिका ने कहा कि पुरुष क्रिकेट की तुलना में महिला क्रिकेट को अब भी कम सराहना मिलती है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) महिला और पुरुष खिलाड़ियों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं करता।
उन्होंने कहा कि वेतन, ट्रेनिंग, सुविधाएं और अन्य सुविधाओं उन्हें पुरुष खिलाड़ियों के समान ही मिलते हैं। यास्तिका ने कहा कि वह बीसीसीआई द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हर सुविधा के लिए आभारी हैं और उन्हें भरोसा है कि इन्हीं सुविधाओं की मदद से भारतीय महिला क्रिकेट टीम आगे भी विश्वस्तरीय प्रदर्शन करती रहेगी।
स्मृति मंधाना और विराट कोहली हैं मेरे रोल मॉडल
भारतीय टीम की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना और पूर्व कप्तान विराट कोहली उनके सबसे बड़े रोल मॉडल हैं। उन्होंने बताया कि 13-14 साल की उम्र से वह स्मृति मंधाना को घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए देखती थीं और तभी से उनके जैसा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली। वहीं राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए/सीओई) में विराट कोहली से मुलाकात उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रही। उनके अनुसार विराट से मिलना और उनसे बातचीत करना उनके लिए बेहद प्रेरणादायक पल था।
कराटे में ब्लैक बेल्ट, तैराकी और बैडमिंटन में भी आजमा चुकी हैं हाथ
यास्तिका ने बताया कि कई लोगों को लगता है कि वह हॉकी भी खेलती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं, तैराकी करती हैं, बैडमिंटन खेलती हैं और स्कूल के दिनों में बास्केटबॉल जैसे खेलों में भी हिस्सा लेती थीं।
उन्होंने बताया कि उनके पिता को खेलों से विशेष लगाव था और वह चाहते थे कि उनकी दोनों बेटियां खेलों में ही आगे बढ़ें। परिवार के इसी प्रोत्साहन, कठिन मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है कि आज यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर शतक लगाकर भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया।