इंदौर को 38 साल बाद मिलेगा नया जिला अस्पताल, 83.16 करोड़ के 300 बेड भवन में फिलहाल सिर्फ 34 बेड की मैटरनिटी विंग शुरू
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर दौरे पर 83.16 करोड़ रुपये की लागत से बने 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय भवन का लोकार्पण करेंगे। धार रोड स्थित चार मंजिला अस्पताल से पश्चिमी इंदौर के लाखों लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि उद्घाटन के पहले चरण में केवल 34 बेड की मैटरनिटी (प्रसूति) विंग ही शुरू होगी, जबकि शेष 266 बेड और अधिकांश प्रमुख विभाग फिलहाल संचालित नहीं होंगे।
मुख्यमंत्री दोपहर 1:05 बजे जिला अस्पताल पहुंचकर नए भवन का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वे दोपहर 2:45 बजे लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 का शुभारंभ करेंगे। शाम 4 बजे वे मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा इंदौर-आबू धाबी फ्लाइट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
38 साल बाद मिला नया जिला अस्पताल
धार रोड स्थित जिला अस्पताल वर्ष 1988 से दुग्ध संघ की जर्जर इमारत में संचालित हो रहा था। बढ़ती आबादी के बीच नए अस्पताल की मांग लंबे समय से उठ रही थी। वर्ष 2005 में नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन स्वीकृति मिलने में करीब दो दशक लग गए। वर्ष 2017 में 300 बिस्तरीय अस्पताल को मंजूरी मिली और निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो कई वर्षों की देरी के बाद अब पूरा हुआ है।
18 करोड़ से बढ़कर 83.16 करोड़ पहुंची लागत
अस्पताल निर्माण की शुरुआती लागत 18 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन निर्माण में देरी, संशोधित स्वीकृतियों और अतिरिक्त कार्यों के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 83.16 करोड़ रुपये हो गई। यानी शुरुआती अनुमान से करीब 65 करोड़ रुपये अधिक खर्च होने के बावजूद अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू नहीं हो पाएगा।
फिलहाल केवल मैटरनिटी विंग शुरू
पूरी तरह तैयार भवन में अभी केवल 34 बेड की मैटरनिटी विंग शुरू की जा रही है। हड्डी रोग, मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हृदय रोग सहित अधिकांश प्रमुख विभाग बाद में शुरू होंगे। ऐसे में गंभीर मरीजों को फिलहाल एमवाय अस्पताल पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।
166 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती
अस्पताल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 166 अधिकारी और कर्मचारियों की पदस्थापना की है। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर और लैब टेक्नीशियन शामिल हैं। स्वास्थ्य आयुक्त भी तैयारियों का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी नहीं होने के कारण अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों को कार्यक्रम में बुलाया गया
सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने इमरजेंसी स्टाफ को छोड़कर जिले के सभी जोनल स्वास्थ्य कर्मचारियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को सुबह 11:30 बजे तक जिला अस्पताल पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इससे अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित सेवाएं प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
पश्चिमी इंदौर को मिलेगी राहत
नए अस्पताल से चंदन नगर, नूरानी नगर, द्वारकापुरी, सिरपुर, राजेंद्र नगर समेत पश्चिमी इंदौर और आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों की गर्भवती महिलाओं को तत्काल लाभ मिलेगा। हालांकि अन्य विभाग शुरू होने तक बाकी मरीजों को इंतजार करना होगा।