श्रावणी उपाकर्म विधि-विधान से संपन्न: नर्मदा-क्षिप्रा संगम पर हुआ आयोजन; 50 से अधिक साधकों ने धारण किया नया यज्ञोपवीत

इंदौर। ब्राह्मण समाज संगठन, मूसाखेड़ी की ओर से श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर श्रावणी उपाकर्म का आयोजन नर्मदा-क्षिप्रा संगम स्थल पर किया गया।
28 अगस्त को सुबह 8 से 11 बजे तक हुए कार्यक्रम में 50 से अधिक साधकों ने विधि-विधान से श्रावणी उपाकर्म की विभिन्न प्रक्रियाओं में हिस्सा लिया।
देवता की प्रार्थना के साथ शुरुआत हुई
संगठन अध्यक्ष पंडित द्वारका प्रसाद पाठक ने बताया कि वेदपाठी विद्वानों के मार्गदर्शन में वैदिक पवित्रीकरण, तीर्थस्थलों और सूर्य देवता की प्रार्थना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद दशविधि स्नान की रस्म हुई। साधकों ने मिट्टी, गौरज, गोबर, भस्म, फल, दूध, पंचामृत, गोमूत्र, तीर्थजल, स्वर्ण जल और दूर्वा से स्नान कर शरीर का शुद्धिकरण किया।
हेमाद्रि संकल्प भी लिया
इसके बाद ध्यान, संध्या, सूर्य उपासना और तर्पण की विधियां संपन्न हुईं। देवताओं, ऋषियों, माता-पिता, मित्रों, संबंधियों और दिवंगतों के लिए तर्पण किया गया। साधकों ने नूतन यज्ञोपवीत धारण करने के साथ जाने-अनजाने में हुए पापकर्मों के लिए प्रायश्चित, सप्तऋषि पूजन और नए वर्ष में नीति व मर्यादा के मार्ग पर चलने के लिए हेमाद्रि संकल्प भी लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार और श्लोकों से गुंजा संगम
कार्यक्रम में दसविधि स्नान, यज्ञोपवीत धारण, तर्पण, सप्तऋषि पूजन, हवन और ब्राह्मणों को भोजन-प्रसादी कराई गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और श्लोकों से संगम स्थल गूंजता रहा।
यह लोग हुए शामिल
आयोजन में पंडित विनोद शास्त्री, 1008 श्री जानकी प्रपन्नाचार्य जी महाराज, मुख्य यजमान व संगठन के वरिष्ठ संरक्षक पंडित बृजकिशोर शर्मा, सचिव पंडित मनोज पांडे, कोषाध्यक्ष पंडित जसराज शर्मा, संयोजक पंडित विनोद शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष पंडित पुष्पेंद्र रिछारिया और मीडिया प्रभारी पंडित अंकित पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।