55 जिलों से उज्जैन पहुंचे गेस्ट प्रोफेसर: सीएम से स्थायी करने की मांग; 10 जुलाई को किया था नई पॉलिसी बनाने का वादा

उज्जैन। शुक्रवार को प्रदेश के 55 जिलों से आए गेस्ट प्रोफेसरों ने अपनी मांग को लेकर अनोखा तरीका अपनाया। सभी प्रोफेसर सीएम आवास के सामने विक्रमादित्य शोधपीठ के गेट पर बैठ गए।
उनका कहना था कि 10 जुलाई को भोपाल के रविंद्र भवन में मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में रक्षाबंधन तक गेस्ट प्रोफेसरों के लिए नई पॉलिसी बनाने की बात कही थी।
रक्षाबंधन बीतने के बावजूद मांग पर कोई निर्णय नहीं हुआ। ऐसे में गेस्ट प्रोफेसर मुख्यमंत्री को राखी बांधकर उन्हें उनका वादा याद दिलाने उज्जैन पहुंचे।
सीएम आवास के सामने अतिथि विद्वानों का डेरा
भोपाल में शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आए गेस्ट प्रोफेसर सीएम आवास के सामने अपनी मांगों को लेकर बैठे नजर आए। उनका कहना है कि सरकार अन्य राज्यों, खासकर हरियाणा की तर्ज पर ऐसी नीति बनाए, जिससे विभागीय प्रक्रिया के जरिए गेस्ट प्रोफेसर को स्थायी किया जा सके।
महिला प्रोफेसर भी हुई शामिल
शिवपुरी से पहुंचे डॉ. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वे मुख्यमंत्री को 10 जुलाई को भोपाल में किए गए उनके वादे की याद दिलाने आए हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला प्रोफेसर भी शामिल रहीं। रतलाम से आईं डॉ. स्वाति गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिले और राखी बांधे बिना वे वापस नहीं जाएंगी।
CM से मिलवाने का मिला आश्वासन
इधर, मुख्यमंत्री आवास के सामने विक्रमादित्य शोधपीठ के गेट के बाहर बैठे गेस्ट प्रोफेसर को पुलिस और प्रशासन की टीम ने समझाइश दी। अधिकारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। भरोसा मिलने के बाद सभी गेस्ट प्रोफेसर वहां से उठे और प्रशासन के कहने पर शोधपीठ परिसर के अंदर चले गए।