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इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम की नहीं मिल रही परमिशन: 3 दिन से कांग्रेसी लगा रहे चक्कर; बोले- रोकेंगे तो ईंट से ईंट बजा देंगे

इंदौर।  राहुल गांधी के 12 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर की सियासत गरमा गई है। कार्यक्रम के लिए कांग्रेस नेहरू स्टेडियम की अनुमति मांग रही है।

कांग्रेस का दावा है कि अनुमति के लिए पार्टी नेता पिछले तीन दिन से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद अब तक अनुमति नहीं मिली है। इसी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अनुमति में अड़चन की वजह हाई कोर्ट के आदेश को बताया है।

परमिशन नहीं मिली तो ‘ईंट से ईंट बजा देंगे’
इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने अनुमति में देरी को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। चौकसे ने कहा कि अगर राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी गई तो कांग्रेस ‘ईंट से ईंट बजा देगी।’ उन्होंने राहुल गांधी को युवाओं और Gen Z का हीरो बताया।

आरोप लगाया कि बीजेपी को राहुल गांधी के युवाओं से संवाद करने से फोबिया हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इसी वजह से कार्यक्रम की अनुमति रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अनुमति को लेकर वास्तविक स्थिति प्रशासन और न्यायालय से जुड़े नियमों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

तीन दिन से लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से पार्टी के पदाधिकारी नेहरू स्टेडियम की अनुमति के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि अभी तक अनुमति नहीं मिली है।

कांग्रेस ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखी है। निगम कमिश्नर से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अगर नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलती है तो दूसरे स्थान पर कार्यक्रम कराने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

महापौर बोले- हाई कोर्ट की रोक है
पूरे विवाद पर इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का अलग पक्ष सामने आया है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के चलते नेहरू स्टेडियम को खेल गतिविधियों के अलावा दूसरे कार्यक्रमों के लिए देने पर रोक है। यही आदेश कांग्रेस के कार्यक्रम के लिए स्टेडियम की अनुमति में सबसे बड़ी अड़चन बताया जा रहा है।

कांग्रेस बोली- हमें रोक की जानकारी नहीं दी
महापौर के बयान पर चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस को अधिकारियों की ओर से अब तक कोर्ट की रोक को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। चौकसे का कहना है कि अगर प्रशासन आधिकारिक तौर पर कोर्ट के आदेश का हवाला देता है तो कांग्रेस कानूनी रास्ता भी अपना सकती है। ऐसे में विवाद अब सिर्फ अनुमति तक सीमित नहीं रहने के संकेत हैं। मामला कोर्ट तक भी पहुंच सकता है।

मंच पर नेता नहीं, छात्र होंगे
कांग्रेस ने राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को राजनीतिक सभा के बजाय छात्रों से सीधे संवाद के कार्यक्रम के तौर पर पेश किया है। कांग्रेस के मुताबिक राहुल गांधी बड़ी संख्या में छात्रों से संवाद करेंगे।

कार्यक्रम की खास बात यह होगी कि मंच पर राजनीतिक नेताओं की जगह छात्रों को रखा जाएगा। मंच पर केवल चयनित छात्र नजर आएंगे। राहुल गांधी उनसे सीधे बातचीत करेंगे। कांग्रेस इस कार्यक्रम में बेरोजगारी, शिक्षा, छात्रों के भविष्य और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।

अब नेहरू स्टेडियम बना सियासी मुद्दा
राहुल गांधी का इंदौर दौरा अब सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। नेहरू स्टेडियम की अनुमति को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। कांग्रेस इसे राजनीतिक दबाव बता रही है।

वहीं, बीजेपी की ओर से हाई कोर्ट के आदेश का हवाला दिया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि 12 सितंबर को राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम में होगा या कांग्रेस को दूसरी जगह तलाशनी पड़ेगी। अगर अनुमति नहीं मिलती है तो कांग्रेस के ‘ईंट से ईंट बजा देंगे’ वाले बयान के बाद इंदौर की सियासत किस करवट लेती है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।

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