CM मोहन बोले- MP पावर सरप्लस स्टेट बना: बिजली उत्पादन क्षमता 32 हजार मेगावाट हुई; ढाई साल में पूरी की योजना

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ में शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज कोप कम दामों पर खरीदने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने बिजली कटौती का लंबा दौर देखा है, लेकिन अब प्रदेश ‘पावर कट से पावर सरप्लस स्टेट’ बन गया है। राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 32 हजार मेगावाट हो गई है। इसमें 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिजली की मांग बढ़ने के साथ उत्पादन और बिजली व्यवस्था को बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
5 हजार से बढ़कर 32 हजार मेगावाट हुई क्षमता
CM ने कहा कि मध्यप्रदेश बनने से लेकर 2002-03 तक प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता 5 हजार मेगावाट थी। अब यह बढ़कर 32 हजार मेगावाट हो गई है। इसमें 30% हिस्सा ग्रीन एनर्जी का है। थर्मल पावर और अन्य पारंपरिक स्रोतों के साथ अब विंड, सोलर और पंप स्टोरेज से भी बिजली उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।