7.5 किलो की पाषाण प्रतिमा 3 बार पानी में तैरी: हाटपिपलिया में डोल ग्यारस पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; शुभ वर्ष का लगाया अनुमान

देवास। डोल ग्यारस के अवसर पर हाटपिपलिया के प्रसिद्ध नरसिंह घाट पर आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला। परंपरा के अनुसार भगवान नरसिंह की करीब 7.5 किलो वजनी पाषाण प्रतिमा को जल में तैराया गया। इस दौरान प्रतिमा तीन बार पानी की सतह पर तैरी। धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रतिमा के जल में तैरने की संख्या के आधार पर आने वाले वर्ष की खुशहाली का अनुमान लगाया जाता है। तीन बार प्रतिमा तैरने के बाद श्रद्धालुओं ने आने वाले वर्ष के शुभ और समृद्ध रहने की उम्मीद जताई।
पानी में डालते ही सतह पर तैरने लगी प्रतिमा
पंडित अविनय वैष्णव ने फूलों से सुसज्जित भगवान नरसिंह की पाषाण प्रतिमा को विधि-विधान से जल में अर्पित किया। प्रतिमा पानी की सतह पर तैरने लगी। इसे देखने के लिए घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। प्रतिमा को तीन बार जल में तैराने के बाद सम्मानपूर्वक बाहर निकाला गया।
शोभायात्रा और पालकी में उमड़ी भीड़
डोल ग्यारस के मौके पर गाजे-बाजे के साथ भगवान नरसिंह की शोभायात्रा और पालकी यात्रा भी निकाली गई। प्रतिमा के पानी में तैरते ही घाट जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मौके पर मौजूद रहे।
विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष भी पहुंचे
आयोजन में क्षेत्रीय विधायक मनोज चौधरी और भाजपा जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भगवान नरसिंह के दर्शन किए और क्षेत्र में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।