उज्जैन में सरकारी प्रधानाध्यापक ने हाथ जोड़कर सरकार से मांगी सड़क: ग्रामीण बोले-अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए; 10 साल से हो रहे परेशान

उज्जैन। बिसनखेड़ी गांव की मोगिया आदिवासी बस्ती में 10 साल से अच्छी सड़क नहीं बन पाई है। इसके लिए सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने हाथ जोड़कर वीडियो बनाया और सरकार से रोड बनवाने की मांग की है।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि मेरी माताजी को बहुत गंभीर बीमारी है। जब हमने अस्पताल से गाड़ी मंगवाई तो उन्होंने रोड ना होने से कारण आने से मना कर दिया। फिर वो खुद ही उन्हें सड़क पार कराकर इलाज के लिए ले गए।
उन्होंने कहा कि हम रोड न होने की वजह से बहुत परेशान है और नरक जैसा जीवन जी रहे है। विधायक, जिला पंचायत और सांड को भी इसके बारे में जानकारी दी है और उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया है।
बच्चें और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान
गांव की आबादी 250 से 300 है। यहां पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर का कच्चा रास्ता बारिश में कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। हालात ऐसे हैं कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
बारिश बन जाती है आफत
बस्ती के सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र चौहान ने बताया कि उनकी 90 साल से अधिक उम्र की मां अस्वस्थ रहती हैं। सड़क इतनी खराब है कि कोई भी गाड़ी बस्ती तक नहीं आती हैं। जरूरत पड़ने पर परिवार को उन्हें पैदल ही बाहर ले जाना पड़ता है। प्रधानाध्यापक के अनुसार, सड़क की सबसे ज्यादा मार बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रही है। बारिश में समस्या और बढ़ जाती है।
जरा सी बरसात और ग्रामीण परेशान
ग्रामीण बताते है कि 10 साल पहले मनरेगा के तहत बस्ती तक जाने के लिए कच्ची सड़क बनाई गई थी। समय के साथ देखरेख नहीं होने से रास्ता जर्जर हो गया। बारिश में जगह-जगह पानी भर जाता है और गड्ढे कीचड़ से भर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक पक्की सड़क नहीं बन सकी है।
जनप्रतिनिधियों के पास पहुंच रहे ग्रामीण
कच्ची सड़क की परेशानी से जूझ रहे मोगिया बस्ती के ग्रामीणों ने अब जनप्रतिनिधियों का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने विधायक, जिला पंचायत सदस्य और सांसद अनिल फिरोजिया के सामने कई बार अपनी समस्या रखी। उनका कहना है कि सांसद ने सड़क निर्माण के लिए आवश्यक राशि दिलाने का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजरें वादे के पूरा होने और सड़क का काम शुरू होने पर टिकी हैं।
300 ग्रामीण हो रहे प्रभावित
मोगिया बस्ती के ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर पंचायत तराना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा है। उनका कहना है कि बारिश में रास्ता बेहद खराब हो जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज और रोजमर्रा के आवागमन में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि दस साल बीत चुके हैं, अब आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क चाहिए।