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सीधी में आदिवासी बच्चे की मौत: अस्पताल में ऑक्सीजन थी, मास्क नहीं; रीवा रेफर करने में लगाए 40 मिनट 

सीधी। चुरहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कैमोर पहाड़ इलाके से लाए गए 6 साल के आदिवासी बैगा बच्चे रोहित की रीवा ले जाते समय मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल और 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने के आरोप लगाए हैं।

गुरुवार दोपहर रोहित की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसकी मां मुन्नी बैगा उसे चुरहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचीं। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने रीवा रेफर कर दिया।रेफर करने की प्रक्रिया में 40 मिनट से ज्यादा का समय लगा गया।

बच्चे को ऑक्सीजन देने के लिए अस्पताल में भी नहीं था। नर्स ने मास्क का इंतजाम करने की कोशिश भी की थी। परिजन का दावा है कि इसके बाद मशीन से सीधे ऑक्सीजन देने की भी कोशिश की गई।

108 एंबुलेंस में भी ऑक्सीजन व्यवस्था पर सवाल
इसके बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची।  एंबुलेंस में भी ऑक्सीजन मास्क या पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं थी। उनका कहना है कि 108 एंबुलेंस को सीधी से चुरहट पहुंचने में डेढ़ घंटा लग गया। शुक्रवार सुबह 8 बजे रीवा पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

मां बोली- ऑक्सीजन होती तो बेटा बच सकता था

मृतक की मां मुन्नी बैगा ने आरोप लगाया कि अगर एंबुलेंस में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था होती तो शायद उनका बेटा बच सकता था। घटना के बाद जिले की 108 एंबुलेंस सेवा की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सीएमएचओ बोले- एंबुलेंस काफी समय से खराब
मामले में सीएमएचओ डॉ. अशोक खरे ने बताया कि संबंधित एंबुलेंस की व्यवस्था काफी समय से खराब है। इसे लेकर कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अब इस संबंध में बड़े अधिकारियों को शिकायत भेजी जाएगी। साथ ही इस तरह की घटना में जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
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