ट्विशा शर्मा मौत मामला: CBI ने पति और सास पर दर्ज की नई FIR, 20 लाख दहेज मांग की जांच तेज
भोपाल में अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने कटारा हिल्स थाने में दर्ज मूल मामले को अपनी डायरी में री-रजिस्टर करते हुए मृतका के पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच के आधार पर सीबीआई ने दहेज में अतिरिक्त धनराशि की मांग और प्रताड़ना के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज किया है।
स्थानीय पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट के अनुसार, ससुराल पक्ष द्वारा ट्विशा शर्मा और उनके परिवार से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी। इसी वित्तीय दबाव और कथित प्रताड़ना को आधार बनाते हुए सीबीआई ने ‘दहेज मृत्यु’ से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह से पूछताछ भी की जा रही है।
सोमवार देर शाम सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित आरोपितों के घर पहुंची, जहां करीब ढाई घंटे तक पूछताछ और स्पॉट वेरिफिकेशन किया गया। मंगलवार सुबह भी टीम दोबारा मौके पर पहुंची और जांच को आगे बढ़ाया। एजेंसी अब घटनास्थल और परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी सामने आया है कि ट्विशा शर्मा की मौत की सूचना पुलिस तक देरी से क्यों पहुंची। जानकारी के मुताबिक, 12 मई की रात कथित आत्महत्या की घटना के बाद एम्स अस्पताल की ओर से पुलिस को लिखित सूचना 13 मई की सुबह करीब 5 बजे दी गई। सीबीआई अब इस देरी के कारणों की जांच करेगी और संबंधित डॉक्टरों से भी पूछताछ कर सकती है।
मायके पक्ष ने शुरू से आरोप लगाया है कि अस्पताल में मौत की पुष्टि के बाद पुलिस को सूचना देने में हुई देरी का इस्तेमाल कथित तौर पर घटनास्थल से छेड़छाड़ और सबूत मिटाने के लिए किया गया। परिजनों का दावा है कि कानूनी जानकारी होने के कारण आरोपित पक्ष ने मामले को प्रभावित करने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर अदालत में आवेदन भी दायर किए गए हैं। अदालत में मंगलवार को इस पर सुनवाई होनी है। वहीं जिस जिमनास्टिक इलास्टिक बेल्ट से फंदा लगाने का दावा किया जा रहा है, उसे भोपाल पुलिस द्वारा पहले ही फॉरेंसिक जांच के लिए सागर स्थित राज्य फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जा चुका है।






