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टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया, बोले- समर्थकों का विरोध गलत; पार्टी के फैसले पर साधी चुप्पी

मध्यप्रदेश में भाजपा द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकिट काटे जाने के बाद उनकी पहली बार प्रतिक्रिया सामने आई है। मिश्रा ने डबरा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अपने समर्थकों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन गलत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुसाशन रखने को कहा है। हालांकि उन्होंने टिकिट काटे जाने पर पार्टी के कोई फैसले पर टिप्पणी नहीं की और मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी।

एक मिडिया रिपोट्स के मुताबिक शुरुआत में दिल्ली हाईकामन के पास सिर्फ नरोत्तम मिश्रा का ही नाम भेजा गया था। प्रदेश संगठन भी पूरी तरह समहत था। दिल्ली से फोन आया था। इसमें कहा गया कि दतिया सीट में एक – दो नाम और भेजे जाए। इस एक फोन ने राजनितिक समीकरण बदल दिया।

टिकट कटते ही भड़का विरोध

मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने का ऐलान होते ही कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। शुक्रवार शाम से ही विरोध शुरु हो गया था। देखते ही देखते यह विरोध उग्र रूप लेने लगा। शनिवार सुबह तक हालात और बिगड़ गए।

हाईवे पर रातभर हंगामा

ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। रातभर सैकड़ों समर्थक सड़क पर डटे रहे। शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी झड़प हो गई। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

अब टिकट बदलने की संभावना कम

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम काफी नाटकीय रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब आशुतोष तिवारी का टिकट बदले जाने की संभावना बेहद कम है। पार्टी हाईकमान अपने फैसले पर कायम रहने के संकेत दे रहा है। हालांकि नरोत्तम समर्थकों का विरोध अभी थमा नहीं है। दतिया सीट पर उपचुनाव से पहले यह आंतरिक कलह भाजपा की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

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