Toxic Review: यश की शानदार स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन ने जीता दिल; कहानी और लंबाई ने किया निराश

मुंबई। यश की फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। करीब चार साल बाद यश की बड़े पर्दे पर वापसी है।
गीतू मोहनदास के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म गैंगस्टर और एक्शन ड्रामा है। शुरुआती रिव्यू में यश की एक्टिंग और फिल्म के विजुअल्स की तारीफ हुई है। वहीं कहानी और लंबी अवधि को लेकर सवाल उठे हैं।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी अपराध और ड्रग्स की दुनिया के आसपास घूमती है। यश इसमें दो किरदारों में नजर आते हैं। कहानी में गैंगवार के साथ परिवार, धोखा और बदले का एंगल भी है।
फिल्म कई दौर और घटनाओं को जोड़कर आगे बढ़ती है। इसी वजह से कुछ जगह कहानी समझना मुश्किल हो जाता है। पहले हिस्से में कहानी को सेट करने में समय लिया गया है। बाद में एक्शन का स्तर बढ़ जाता है।
यश की एक्टिंग कैसी है?
यश फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनका लुक और स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है। एक्शन सीन्स में उनका अंदाज खास तौर पर ध्यान खींचता है। डबल रोल में दोनों किरदारों को अलग दिखाने की कोशिश की गई है। नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी और बाकी कलाकारों ने भी अपने रोल निभाए हैं। हालांकि, कई जगह कहानी का फोकस यश पर ही रहता है।

डायरेक्शन और विजुअल्स
गीतू मोहनदास ने फिल्म को बड़े स्तर पर पेश किया है। सेट, कॉस्ट्यूम और कैमरा वर्क फिल्म को भव्य बनाते हैं। पुराने दौर का माहौल भी अच्छे तरीके से दिखाया गया है।
तेज कट और कई घटनाओं के कारण कुछ एक्शन सीन उलझे हुए लग सकते हैं। कहानी के मुकाबले फिल्म के स्टाइल पर ज्यादा जोर नजर आता है।
म्यूजिक
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर एक्शन सीन्स को बड़ा बनाने की कोशिश करता है। कई जगह यह माहौल को मजबूत करता है। वहीं कुछ हिस्सों में म्यूजिक ज्यादा तेज महसूस हो सकता है।
फिल्म की कमियां
‘Toxic’ की सबसे बड़ी समस्या इसकी लंबाई और कहानी है। फिल्म करीब 3 घंटे से ज्यादा लंबी है। कुछ हिस्से जरूरत से ज्यादा खिंचे हुए लग सकते हैं। कहानी में कई किरदार और घटनाएं हैं। इससे दर्शकों को कनेक्ट करने में परेशानी हो सकती है। फिल्म में हिंसा भी काफी ज्यादा है।

अगर आपको यश का एक्शन, बड़े सेट और गैंगस्टर फिल्में पसंद हैं, तो ‘Toxic’ आपको पसंद आ सकती है। फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट और यश की स्क्रीन प्रेजेंस इसकी बड़ी ताकत है। लेकिन अगर आप साफ और सीधी कहानी वाली फिल्म पसंद करते हैं, तो इसकी लंबाई और उलझी कहानी परेशान कर सकती है।
कुल मिलाकर, ‘Toxic’ स्टाइल और एक्शन में मजबूत है, लेकिन कहानी के स्तर पर उतना असर नहीं छोड़ती।