मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार थमी, 60% हिस्से से बादल गायब; 16 जुलाई से फिर तेज बारिश के संकेत
मध्यप्रदेश मानसून सक्रिय हो गए है, लेकिन रफ़्तार थम गए है। करीब 60 % हिस्सों में बदल गायब है। प्रदेश में अगले 5 दिन तक कहीं भी भरी या अति भरी बारिश आसार नहीं है। केंद्र मौसम विभाग का कहना है कि 16 जुलाई से नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है। इससे तेज बारिश के संकेत है। इससे पहले प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।
सोमवार को 22 जिले- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और आलीराजपुर में बादल और हल्की बारिश के आसार है।
वहीं, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया और ग्वालियर में धूप खिली रहेगी।
कहीं तेज बारिश तो कहीं सिर्फ बूंदा-बांदी जारी रहेगी
मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता में फिलहाल कमी देखने को मिल रही है। इस वजह से पिछले 4-5 दिन से प्रदेश में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश नहीं हुई है। अगले कुछ दिन तक रिमझिम बारिश जरूर होती रहेगी। 16 जुलाई से ज्यादा असर दिखेगा।
एक्सपर्ट ने क्या बताया ??
एक्सपर्ट नायक ने बताया, वर्तमान में मानसून को एक्टिव करने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं अथवा उनका प्रभाव मध्य प्रदेश से दूर चला गया है। यही कारण है कि अधिकांश क्षेत्रों में केवल बादल छाए रहने और हल्की फुहारों जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि 13 से 19 जुलाई के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण यानी, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बनने का अनुमान है। यदि यह सिस्टम निम्न दाब क्षेत्र में बदला तो प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है। प्रदेश में पिछले 5 दिन से भारी बारिश नहीं हुई है। इस वजह से 30 प्रतिशत वाला आंकड़ा अब 1 प्रतिशत पर आकर ठहर गया है। रविवार की बात करें तो प्रदेश में अब तक सिर्फ एक प्रतिशत बारिश ही ज्यादा दर्ज की गई है। अब तक 241.8 मिमी (9.5) बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश के 239.8 मिमी (9.4) से 1% अधिक है। हालांकि, यह कोटे की 25 प्रतिशत है।