लगातार टी-20 सीरीज हार के बाद BCCI करेगी समीक्षा, टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में हो सकते हैं बड़े बदलाव
भारतीय क्रिकेट टीम के इंग्लैंड दौरे के समाप्त होने के बाद सपोर्ट स्टाफ में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। लगातार आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज गंवाने के बाद बीसीसीआई टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ की भी समीक्षा करने की तैयारी में है।
खराब फील्डिंग बनी चिंता, टी. दिलीप पर भी बढ़ा दबाव
इंग्लैंड दौरे में भारतीय टीम की फील्डिंग लगातार सवालों के घेरे में रही है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टीम ने कई आसान कैच छोड़े, जिसका असर मैचों के नतीजों पर भी पड़ा। ऐसे में फील्डिंग कोच टी. दिलीप भी समीक्षा के दायरे में हैं। माना जा रहा है कि बीसीसीआई सपोर्ट स्टाफ में बदलाव के दौरान फील्डिंग विभाग के प्रदर्शन का भी गहन मूल्यांकन करेगी।
रयान और मॉर्कल के भविष्य पर फैसला जल्द
रिपोर्ट्स के मुताबिक,रयान टेन डोएस्केट लगातार पूरे साल टीम के साथ यात्रा करने से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने इस संबंध में अपनी बात बीसीसीआई तक पहुंचाई है। वहीं, बॉलिंग कोच मोर्ने मॉर्कल के भविष्य पर भी दुविधा बना हुआ है। अगर दोनों सपोर्ट स्टाफ से बाहर होते हैं, तो टीम इंडिया को नए चेहरों के साथ आगे बढ़ना पड़ सकता है।
वीवीएस लक्ष्मण पर भी टिक सकती हैं निगाहें
अगर इंग्लैंड दौरे के बाद सपोर्ट स्टाफ में बदलाव होता है, तो बीसीसीआई अस्थायी व्यवस्था के लिए एक बार फिर वीवीएस लक्ष्मण पर भरोसा जता सकती है। लक्ष्मण पहले भी कई मौकों पर भारतीय टीम के साथ हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जुलाई के अंत में जिम्बाब्वे दौरे पर भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के स्टाफ के साथ टीम की कमान उनके हाथों में रहने की संभावना है। ऐसे में यदि कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव होते हैं, तो उनकी भूमिका और भी अहम हो सकती है।
गंभीर की पसंद रहे हैं दोनों कोच
गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद रयान टेन डोएस्केट और मोर्ने मॉर्कल को अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था। इससे पहले बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर की जगह सितांशु कोटक को जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। अब इंग्लैंड दौरे के बाद गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
12 साल बाद इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हारा भारत
भारतीय टीम को 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 द्विपक्षीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ भी टीम सीरीज गंवा चुकी थी। लगातार दो विदेशी दौरों पर मिली असफलताओं के बाद अब खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ की भूमिका भी बोर्ड की समीक्षा के केंद्र में है।