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इंदौर विधानसभा-4 में मालिनी गौड़ का बड़ा बयान: लखन दादा की अयोध्या बताया; 2028 को लेकर चर्चा तेज

इंदौर । विधानसभा-4 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों के साथ राजनीतिक चर्चाओं को भी हवा मिल गई। विधायक मालिनी गौड़ ने अपने स्वागत भाषण में विधानसभा-4 को ‘लखन दादा की अयोध्या’ बताया। इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कैलाश विजयवर्गीय के इस क्षेत्र से विधायक रहने का जिक्र किया। विजयवर्गीय ने भी अपने संबोधन में कहा कि वे पहले यहां से विधायक रह चुके हैं।

60 करोड़ के कामों का भूमिपूजन-लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में करीब 60 करोड़ रुपए के अलग-अलग विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। विधानसभा-4 में 16 करोड़ 61 लाख रुपए की लागत से तैयार अटल पथ पर मुख्य कार्यक्रम हुआ।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने खुली कार से छोटा रोड शो भी किया। इस दौरान उनके साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी गौड़, सांसद शंकर लालवानी और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा मौजूद रहे।

मालिनी गौड़ ने कहा- लखन दादा की अयोध्या
स्वागत भाषण में विधायक मालिनी गौड़ ने विधानसभा-4 को ‘लखन दादा की अयोध्या’ बताते हुए मुख्यमंत्री समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उनके इस बयान के बाद विधानसभा-4 की राजनीतिक विरासत को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

महापौर ने विजयवर्गीय का किया जिक्र
इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने संबोधन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय इस क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। विजयवर्गीय ने भी अपने संबोधन में कहा कि वे पहले विधानसभा-4 से विधायक रह चुके हैं।

1990 में पहली बार विधायक बने थे विजयवर्गीय
विधानसभा-4 का गठन 1977 में हुआ था। शुरुआत में जनता पार्टी के वल्लभ शर्मा विधायक बने। इसके बाद कांग्रेस के योगदत्त शर्मा और नंदलाल माटा ने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। 1990 में भाजपा के टिकट पर कैलाश विजयवर्गीय पहली बार यहां से विधायक बने।

1993 में विजयवर्गीय को इंदौर विधानसभा-2 से टिकट मिला। इसके बाद लक्ष्मणसिंह गौड़ विधानसभा-4 से विधायक बने। उन्होंने 1998 और 2003 में भी चुनाव जीता। लक्ष्मणसिंह गौड़ के निधन के बाद मालिनी गौड़ ने 2008 में चुनाव जीता। इसके बाद 2013, 2018 और 2023 में भी जीत दर्ज कर लगातार चौथी बार विधायक बनीं।

2028 के चुनाव को लेकर दावेदारियों की चर्चा
विधानसभा-4 में 2028 के चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर संभावित दावेदारियों की चर्चा भी चल रही है। मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य गौड़ के नाम को लेकर भी चर्चा है। वहीं सांसद शंकर लालवानी की ओर से भी इस सीट पर दावेदारी की बात सामने आती रही है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव का नाम भी विधानसभा-4 और इससे लगी राऊ सीट को लेकर संभावित दावेदारों में चर्चा में है। भाजपा के अन्य नेताओं की नजर भी इस सीट पर बनी हुई है।

CM ने कांग्रेस पर साधा निशाना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस विकास के बजाय ‘बंटाधार’ करती है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के लंबे विपक्षी जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके विपक्ष में रहने के बावजूद सभी उनका सम्मान करते थे।

मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और इंदौर में कांग्रेस नेताओं ने वंदे मातरम का सम्मान नहीं किया। उन्होंने निगम पार्षद फौजिया शेख और रूबीना इकबाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अभी तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।

विधानसभा-3 के पोस्टरों ने भी बढ़ाई चर्चा
इधर इंदौर विधानसभा-3 में प्रस्तावित भोलेनाथ यात्रा को लेकर लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग भी चर्चा में हैं। इनमें स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और पार्षद मनीष मामा की तस्वीरें नहीं हैं।

वहीं प्रदेश संगठन महामंत्री गौरव रणदिवे की तस्वीर पोस्टरों में दिखाई दे रही है। ये पोस्टर उनके समर्थक माने जाने वाले आशीष हार्डिया और सचिन बुढ़ाना की ओर से लगाए गए बताए जा रहे हैं। इससे भाजपा के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

CM और विजयवर्गीय ने महापौर की तारीफ की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि भार्गव के नेतृत्व में इंदौर में कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जू के डिजिटल प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया और इसे शहर के विकास से जोड़कर बताया।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी महापौर के कामों की तारीफ करते हुए कहा कि इंदौर विकास और नए प्रयोगों के मामले में लगातार आगे बढ़ रहा है।

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