बेटमा में खनन से किसान परेशान: धूल और खुदाई से खेतों को नुकसान का आरोप; आंदोलन की चेतावनी

इंदौर । बेटमा, सेजवानी, रंगवासा, रावद और आसपास के इलाकों में चल रहे खनन को लेकर किसान संगठन ने नाराजगी जताई है। भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के पदाधिकारियों ने इन क्षेत्रों का दौरा कर खनन की स्थिति देखी। संगठन का आरोप है कि कई जगह किसानों के खेतों की सीमा के पास गहरी खुदाई की जा रही है। इससे खेतों को नुकसान होने के साथ धूल और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है।
किसान नेता बोले- प्रशासन को स्थिति साफ करनी चाहिए
बबलू जाधव ने कहा कि अगर खनन नियमों के अनुसार हो रहा है तो प्रशासन को यह साफ करना चाहिए कि किस जगह पर खनन की अनुमति दी गई है और कितनी गहराई तक खुदाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन, फसल और आसपास के माहौल को नुकसान पहुंचाकर खनन नहीं किया जाना चाहिए।

जमीन की नाप और कागजों की जांच की मांग
जाधव ने प्रशासन से खनन वाले इलाकों की दोबारा नाप कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कागजों में जितने क्षेत्र में खनन की अनुमति है, वास्तव में उतने ही क्षेत्र में काम हो रहा है या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही खनन की गहराई, लीज की शर्तें, रॉयल्टी और पर्यावरण से जुड़ी अनुमति की भी जांच करने की मांग की गई है।
धूल से गांवों में परेशानी का आरोप
किसान संगठन का कहना है कि खनन के कारण लगातार धूल उड़ रही है। इससे आसपास के गांवों में लोगों को परेशानी हो रही है। संगठन ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और प्रदूषण की जांच कराने की मांग की है। बबलू जाधव ने कहा कि अगर खनन के कारण पर्यावरण को नुकसान हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

बोले- सिर्फ कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा
किसान नेता ने कहा कि प्रशासन सिर्फ नोटिस और पंचनामा बनाकर कार्रवाई पूरी न करे। अगर जांच में नियमों के खिलाफ खनन पाया जाता है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और हुए नुकसान की भरपाई भी कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान एवं मजदूर सेना ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने समय रहते मामले में कार्रवाई नहीं की तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि किसानों की जमीन और फसल को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।