इंदौर के 128 करोड़ के लाइट हाउस प्रोजेक्ट पर सवाल: 3 साल में फ्लैटों में सीपेज-लीकेज, हाईकोर्ट ने निगमायुक्त को किया तलब
पीएम आवास योजना के तहत इंदौर में साल 2023 में 128 करोड़ की लागत से लाइट हाउस प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस प्रोजेक्ट का उट्घाटन वर्चुअल किया गया था। यह प्रोजेक्ट इंदौर नगर निगम का अहम प्रोजेक्ट बताय गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत गुलमर्ग कॉम्प्लेक्स-2 में 1040 फ्लैट बनाए गए थे। महज तीन साल में ही कई फ्लैटों में रहने में दिक्कतें आने लगी हैं। इसी समस्या को लेकर रहवासी नरेंद्र गोस्वामी ने एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
हालत इतनी खराब कि सीपेज और लीकेज से रहवासी परेशान , शिकायतों का अम्बार जारी
गुलमर्ग कॉम्प्लेक्स-2 में सीपेज और लीकेज की शिकायतों को लेकर रहवासी ने जनहित याचिका लगाई है। इस पर हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन निगम ने नहीं दी। इस पर अब डिवीजन बेंच ने निगमायुक्त आईएएस क्षितिज सिंघल को 14 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था
इस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने गुलमर्ग कॉम्प्लेक्स-2 में 1040 फ्लैट बनाए थे। ये फ्लैट केंद्र सरकार के लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत प्री-फेब्रिकेटेड सैंडविच तकनीक से तैयार किए गए थे। साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। लेकिन अब तीन साल के अंदर ही यहां कई समस्याएं सामने आने लगी हैं। फ्लैटों में पाइपलाइन लीकेज, दीवारों में सीपेज, कमरों में गंदा पानी भरने और नमी की वजह से बिजली की लाइनों में शॉर्ट सर्किट जैसी शिकायतें आ रही हैं। एक फ्लैट की कीमत करीब 12 लाख रूपए है, जिसमें हितग्राहियों को 6 लाख रुपए तक का अनुदान मिला था।
हाईकोर्ट ने इन सभी से जवाब मंगा है
अधिवक्ता अनुराग जैन ने बताया कि हाईकोर्ट इस मामले में पहले ही केंद्र सरकार, एमपी सरकार, इंदौर नगर निगम और निर्माण एजेंसी मेसर्स केपीआर प्रोजेक्ट्स कॉन प्रा. लि. को नोटिस जारी कर चुका है। कोर्ट ने सभी से जवाब मांगा है। वहीं नगर निगम ने भी निर्माण एजेंसी को फ्लैटों में आ रही समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है और शिकायतें अब भी बनी हुई हैं।