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एन चंद्रशेखरन 5 साल और टाटा संस के चेयरमैन रहेंगे: बोर्ड ने कार्यकाल बढ़ाने को दी मंजूरी; 1987 में TCS से शुरू किया था करियर

नई दिल्ली। टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल 5 साल और बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। वह टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे। चंद्रशेखरन ने अपने करियर की शुरुआत 1987 में TCS में इंटर्न के तौर पर की थी। करीब 30 साल बाद वह टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने।

2017 में संभाली थी टाटा ग्रुप की कमान
एन चंद्रशेखरन ने साल 2017 में टाटा ग्रुप की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में ग्रुप ने कई नए क्षेत्रों में कारोबार बढ़ाया। टाटा ग्रुप ने एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे क्षेत्रों में कदम बढ़ाया।

9 साल में बढ़ा ग्रुप का कारोबार
चंद्रशेखरन के चेयरमैन बनने के बाद टाटा ग्रुप के कारोबार में बढ़ोतरी हुई।

  • रेवेन्यू: वित्त वर्ष 2020 में ₹7.89 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹16.24 लाख करोड़।
  • मुनाफा: ₹32,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़।
  • मार्केट कैप: टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2020 में ₹9.31 लाख करोड़ था। यह 2026 में बढ़कर ₹24.39 लाख करोड़ हो गया।

टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में क्या अंतर है?

  • टाटा ग्रुप: टाटा नाम से चलने वाली अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों का समूह टाटा ग्रुप कहलाता है। इसमें TCS, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा पावर और एयर इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं।
  • टाटा संस: यह टाटा ग्रुप की मुख्य कंपनी है। टाटा संस ग्रुप की कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखती है और महत्वपूर्ण फैसलों में बड़ी भूमिका निभाती है।
  • टाटा ट्रस्ट्स: यह कई सामाजिक और परोपकारी ट्रस्टों का समूह है। टाटा संस में इनकी करीब 66% हिस्सेदारी बताई गई है।
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