जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मारा: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की आशंका; 3 OGW को किया था गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में बुधवार रात सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया। सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर यह कार्रवाई की। जिले के मजालता इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों आतंकियों के पाकिस्तानी होने और कश्मीर टाइगर्स (KT) या जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने की आशंका है। उनकी पहचान और संगठन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
उधमपुर का मजालता इलाका घने जंगल और पहाड़ी भूभाग वाला है। सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ दिनों से ब्रेटल-खुब्बन बेल्ट और आसपास के जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई थी।
अंधेरे और घने जंगल ने बढ़ाई मुश्किलें
बुधवार देर रात संदिग्ध लोगों की आवाजाही की सूचना मिलने पर सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के SOG ने इलाके की घेराबंदी की और तलाशी शुरू की। इस दौरान आतंकियों की ओर से फायरिंग होने पर सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। अंधेरा, घने जंगल और पहाड़ी इलाका होने की वजह से ऑपरेशन में दिक्कतें भी आ रही हैं।
15 सितंबर को राजौरी में 3 OGW गिरफ्तार हुए थे
इससे पहले 15 सितंबर को राजौरी पुलिस ने पीर पंजाल इलाके में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क का खुलासा किया था। मामले में जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक को गिरफ्तार किया गया था।
जमीनी सहायता देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में तीनों पर आतंकियों को लॉजिस्टिक मदद, सुरक्षित रास्ता और दूसरी जमीनी सहायता देने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि वे आतंकियों के गाइड के तौर पर भी काम करते थे और उन्हें कश्मीर घाटी की ओर जाने में मदद करते थे।