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धार में वराह मार्च पर प्रशासन का फैसला: 15 सितंबर के आयोजन की अनुमति निरस्त; शहर में लगे फ्लेक्स हटाए

धार। शहर में 15 सितंबर को प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रशासन ने कहा है कि मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है। लोगों से सुरक्षा की दृष्टि से घरों में रहने की अपील की गई है।

हिंदू संगठन सनातन प्रहरी की ओर से वराह मार्च को लेकर शहर में प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। प्रस्तावित कार्यक्रम पीजी कॉलेज से शुरू होकर विजय मंदिर तक जाना था। आयोजन से पहले प्रशासन ने प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि शहर में वराह मार्च की अनुमति नहीं है।

प्रशासन ने लोगों से आयोजन में शामिल नहीं होने की अपील की
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी आयोजन में शामिल न हों। महिला पुलिस अधिकारियों ने भी महिलाओं से सुरक्षा के लिहाज से घरों में रहने की अपील की। प्रशासन की ओर से कहा गया कि शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी को देखते हुए लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

पुरातत्व विभाग ने भी अनुमति से किया इनकार
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारी प्रशांत पाटनकर ने बताया कि पुरातत्व विभाग के अधीन भवन में इस प्रकार के किसी आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है। यह भवन लंबे समय से धार्मिक पहचान को लेकर चर्चा में रहा है। मुस्लिम समाज के लोग यहां ईद की नमाज पढ़ते हैं और इसे लाट मस्जिद कहते हैं। वहीं हिंदू समाज के लोग इसे विजय मंदिर के नाम से संबोधित करते हैं। दशहरे के अगले दिन यहां दशहरा मिलन समारोह भी आयोजित किया जाता है।

देर शाम प्रशासन ने हटाए वराह मार्च के फ्लेक्स
वराह मार्च की अनुमति नहीं होने के बाद प्रशासन ने देर शाम शहर में लगे आयोजन से जुड़े फ्लेक्स हटाने शुरू कर दिए। कार्रवाई के दौरान एएसपी विजय डावर, एसडीएम सहित करीब 150 पुलिसकर्मी और नगर पालिका का अमला मौजूद रहा। अब प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 15 सितंबर को वराह मार्च की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद मार्च निकलता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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