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इंदौर की सड़कों पर मंदिर-दरगाहों का अतिक्रमण कब हटेगा: उज्जैन में कार्रवाई की चर्चा के बीच शहर में भी कई धार्मिक स्थल सड़क के बीच; प्रशासन से सर्वे की मांग

इंदौर। उज्जैन में सड़क और सार्वजनिक मार्ग से हनुमान मंदिर हटाने की कार्रवाई को लेकर चर्चा के बीच इंदौर में भी सड़क के बीच बने मंदिर, दरगाह और अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर ऐसे धार्मिक स्थल बने हैं, जिनके कारण यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

इन स्थानों के आसपास वाहनों की आवाजाही कई बार धीमी हो जाती है। पीक ऑवर में यहां जाम की स्थिति भी बनती है। वाहन चालकों को धार्मिक स्थलों के आसपास से सावधानी से निकलना पड़ता है। इससे समय के साथ ईंधन की भी खपत बढ़ती है।

   * देखें प्रमुख मार्गों पर सड़क के बीच धार्मिक स्थल-
  • पलासिया चौराहे पर सड़क के बीच दरगाह । 

  • जवाहर मार्ग पर सड़क के बीच मंदिर।

  • मालगंज चौराहे पर सड़क के बीच बजरंग बली मंदिर ।

  •  हवा बंगला रोड पर भी सड़क के बीच भैरव बाबा मंदिर ।

  •  रामगंज-जिंसी मेन रोड पर सड़क के बीच बनी धर्मशाला में मंदिर।

  •  काची में सड़क के बीच शीतलामाता मंदिर। 

धार्मिक भावनाओं के साथ यातायात भी जरूरी
शहर में सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर बने धार्मिक स्थलों को लेकर प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क पर सुगम यातायात और सार्वजनिक सुविधा का सवाल है। ऐसे में प्रशासन को शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर बने मंदिर, दरगाह और अन्य धार्मिक स्थलों का सर्वे कराना चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां नियमानुसार कार्रवाई की स्पष्ट नीति बनाई जा सकती है।

इंदौर में कब होगा सर्वे?
उज्जैन में सड़क से धार्मिक स्थल हटाने की कार्रवाई को लेकर चर्चा के बीच अब इंदौर को लेकर भी सवाल उठ रहा है। क्या प्रशासन शहर के मुख्य मार्गों पर बने ऐसे धार्मिक स्थलों की स्थिति का सर्वे करेगा? क्या यातायात में बाधा बन रहे स्थलों को नियमानुसार हटाने या दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू होगी? प्रशासन को धार्मिक भावनाओं का सम्मान रखते हुए जनहित और यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता देनी होगी। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर आवागमन बेहतर हो सकता है।

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