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धार में मुख्य सचिव बर्णवाल बोले: युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें; योजनाएं हों सरल

धार। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में यशस्वी संवाद एवं उद्यमी संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने जिले के सफल उद्यमियों, हितग्राहियों, प्रगतिशील किसानों और खेल प्रतिभाओं से सीधा संवाद किया। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ ऋण और अनुदान देना नहीं है।

युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमपी एमएसएमई प्रोत्साहन योजना-2025 और एमपी स्टार्ट-अप योजना-2025 चलाई जा रही हैं। सफल हितग्राहियों की कहानियां दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

13 युवाओं को रोजगार देकर 50 लाख का टर्नओवर
आईटी क्षेत्र के 28 वर्षीय प्रभांशु पंड्या ने अपने स्टार्ट-अप कोशल्यम लर्निंग सॉल्यूशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर क्षेत्र में उनके स्टार्ट-अप से 13 युवाओं को रोजगार मिला है। स्टार्ट-अप से करीब 50 लाख रुपए का टर्नओवर अर्जित किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन के सहयोग से शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी भी साझा की।

उनकी उपलब्धि को पीएम एडमिनिस्ट्रेटर पुरस्कार के लिए नामांकित किए जाने की जानकारी दी गई। मांडव की नेहा जायसवाल ने ब्लॉक प्रिंटिंग और हथकरघा के जरिए महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाओं को 15 से 18 हजार रुपए प्रतिमाह तक की आय हो रही है।

एक एकड़ गुलाब से 18 लाख रुपए तक का लाभ
रूपाखेड़ा के लखन-मोहनलाल पाटीदार ने पॉलीहाउस में गुलाब की खेती की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में गुलाब की खेती से 18 लाख रुपए तक का लाभ अर्जित किया जा रहा है। तिलगारा के लखन पाटीदार ने ऑटोमेशन आधारित ब्लूबेरी खेती के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 1000 वर्गमीटर क्षेत्र में खेती से करीब 4.50 लाख रुपए की आय हो रही है।

उनकी खेती से 23 अन्य किसान भी प्रेरित हुए हैं। देवधा की प्रगतिशील कृषक संगीता भाभर ने देशी बीज बैंक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके जरिए 6 क्विंटल पारंपरिक बीजों का संरक्षण किया गया है। साथ ही 234 किसानों को बायो-इनपुट उपलब्ध कराया जा रहा है।

खिलाड़ियों और विद्यार्थियों ने भी साझा की सफलता
कार्यक्रम में कपिल अग्रवाल, नकुल जोशी, दीपक भारती, बैडमिंटन खिलाड़ी सौरभ वर्मा, मेधावी छात्रा अंशिका सादलपुर, जेतपुरा के उद्योगपति मुजीबु रहमान और मल्लखंभ खिलाड़ी जयपाल सहित अन्य प्रतिभाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। उन्होंने अपनी उपलब्धियों के साथ कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

रूपाखेड़ा के किसान लखन पाटीदार ने अपनी फूलों की खेती से उत्पादित फूलों का गुलदस्ता भेंटकर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े का स्वागत किया। मुख्य सचिव ने सभी सफल उद्यमियों, किसानों और प्रतिभाओं की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता जिले के दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। संवाद में मिले सुझावों पर शासन स्तर से यथासंभव कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।

योजनाओं की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और प्रभावी होनी चाहिए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, विधायक नीना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेड़ा, कलेक्टर राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्यमी, किसान, विद्यार्थी और खिलाड़ी मौजूद रहे। शुरुआत में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिले में एमएसएमई, औद्योगिक क्षेत्रों, नवीन रेलवे लाइन, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

फील्ड में जाकर योजनाओं का सत्यापन
मीडिया से चर्चा में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि सरकार का पूरा मकसद डिलीवरी सिस्टम को जमीन पर देखना है। इसमें स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था शामिल है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और मंत्री हर शुक्रवार को क्षेत्र में जाकर योजनाओं और व्यवस्थाओं का सत्यापन करते हैं। जहां काम में कमी मिलती है, वहां सुधार के लिए कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि धार में भी दो-तीन व्यवस्थाओं को देखा गया है। अन्य विषयों की समीक्षा भी की जा रही है।

धार में नई औद्योगिक इकाइयों पर चर्चा
मुख्य सचिव ने बताया कि छोटे और मध्यम उद्योग चलाने वाले लोगों से भी चर्चा की जा रही है। इसका उद्देश्य जिले में छोटी औद्योगिक इकाइयों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि धार में तीन नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने को लेकर काम चल रहा है। इन इकाइयों के लिए ऐसे क्षेत्रों पर भी विचार किया जा रहा है, जो पीथमपुर से अलग हैं।

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