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धार भोजशाला विवाद में हिंदूओं ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन: नमाज की व्यवस्था पर जताई आपत्ति; कहा- SC के आदेश का सही पालन कराएं

धार। भोजशाला परिसर में नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। सकल हिंदू समाज की ओर से धार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को आवेदन सौंपकर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का सही स्वरूप में पालन कराने की मांग की गई है। समाज ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उल्लेखित सर्वे नंबर 596 के स्थान पर प्रशासन द्वारा सर्वे नंबर 612 में नमाज की व्यवस्था की जा रही है।

आवेदन में सकल हिंदू समाज ने कहा कि भोजशाला मामले से संबंधित एसएलपी क्रमांक 9310/2025 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया गया था। समाज का दावा है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से मौके की वास्तविक स्थिति से अलग गूगल मैप पर एक स्थान को चिह्नित कर उसे सर्वे नंबर 596 बताया गया और वहां शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई।

समाज के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान सर्वे नंबर 596 पर नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था अंतरिम प्रकृति की करने के लिए शासन से कहा था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद प्रशासन को इसी सर्वे नंबर पर व्यवस्था करनी थी, लेकिन वर्तमान में सर्वे नंबर 596 के बजाय सर्वे नंबर 612 पर नमाज कराने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन पर आदेश की अलग व्याख्या करने का आरोप
सकल हिंदू समाज ने आवेदन में प्रशासन पर आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष के दबाव में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अलग तरह से व्याख्या की जा रही है। समाज का कहना है कि आदेश में जिस सर्वे नंबर का उल्लेख है, उसके अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर नमाज की व्यवस्था करने से पहले हिंदू समाज को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। आवेदन में कहा गया है कि नई व्यवस्था को लेकर हिंदू समाज की सहमति नहीं ली गई। इससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले हिंदू समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाए और उनकी भावनाओं को ध्यान में रखा जाए।

शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात
सकल हिंदू समाज ने स्पष्ट किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ नहीं है और न ही किसी वर्ग विशेष की धार्मिक आराधना का विरोध करता है। समाज ने कहा कि धार शहर में लंबे समय बाद शांति का वातावरण स्थापित हुआ है और वह नहीं चाहता कि भविष्य में किसी नई व्यवस्था के कारण शहर का माहौल दोबारा बिगड़े। समाज ने प्रशासन से आग्रह किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के साथ सभी पक्षों की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाए। साथ ही कहा कि प्रशासन द्वारा उचित और सहमति आधारित व्यवस्था किए जाने पर हिंदू समाज सहयोग करने के लिए तैयार है।

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