अमित शाह बोले- देश कोई धर्मशाला नहीं; 5 साल में 274 भगोड़ों को वापस लाए; घुसपैठियों को बाहर करेंगे

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कहा कि देश कोई धर्मशाला नहीं है और यहां रहने का अधिकार केवल देश के नागरिकों को है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो की नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज कॉन्फ्रेंस में शाह ने कहा कि देश को घुसपैठियों से मुक्त करना सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों में वे सभी सीमावर्ती राज्यों का दौरा कर चुके हैं। सीमा सुरक्षा को लेकर राज्यों के साथ रणनीति से जुड़ा दस्तावेज भी साझा किया गया है।
PRAHAR रणनीति को करेंगे लागू
शाह ने आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए PRAHAR रणनीति को रोजमर्रा की कार्रवाई में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और पूर्वोत्तर के उग्रवाद जैसी आंतरिक सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों से निपटने में राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
274 भगोड़ों को विदेश से वापस लाए
गृह मंत्री ने कहा कि 2019 से 2026 के बीच 274 भगोड़ों को विदेश से वापस लाया गया है। सभी राज्यों को विदेश में बैठे अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए लक्ष्य बनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मल्टी एजेंसी सेंटर को भी अपग्रेड किया गया है।
AI से करे अपराधों की पहचान
शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों को एक साल में पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने बताया कि इससे आपराधिक मामलों के निपटारे और आरोपियों को पकड़ने की दर में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने युवा अधिकारियों से डेटा एनालिसिस और AI के इस्तेमाल के जरिए अपराध के नए तरीकों की पहचान कर प्रभावी खुफिया जानकारी तैयार करने की अपील की।
नशे के खिलाफ अपनाए डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय
उन्होंने नशे के खिलाफ डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय की तीन लेवल की रणनीति अपनाने पर जोर दिया। साथ ही सभी राज्यों से नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही।
सीमा पर स्मार्ट बॉर्डर सुरक्षा सिस्टम लागू होगा
शाह ने कहा कि एक साल में पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी 6 हजार किलोमीटर लंबी सीमा पर स्मार्ट बॉर्डर सुरक्षा सिस्टम लागू करने की योजना है। इसके तहत ड्रोन, रडार, स्मार्ट कैमरे और आधुनिक तकनीक से निगरानी मजबूत की जाएगी, ताकि घुसपैठ और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।