बेटा बोला- मकान बिकने से पहले अर्थी उठ जाएगी: 8 दिन बाद यात्री प्रतीक्षालय में मिला शव; बेटी ने भाई-भाभी पर लगाए आरोप

उज्जैन। पंवासा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गरोढ़ ब्रिज के पास सर्विस रोड स्थित यात्री प्रतीक्षालय में करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव पड़ा मिला।
राहगीरों की नजर शव पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पंवासा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बेटियों को हिस्सा न देने का दबाव बना रहे थे
मृतक की पहचान रमेश के रूप में हुई है। उनकी बेटी बबीता ने भाई और भाभी पर पिता को धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बबीता के मुताबिक, आठ दिन पहले रमेश ने अपना मकान बेचने का सौदा किया था।
इसके बाद से भाई-भाभी लगातार मकान नहीं बेचने और बेटियों को हिस्सा न देने का दबाव बना रहे थे। अब पिता की मौत के बाद बेटी ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
बेटी ने लगाया आरोप
बबीता के अनुसार, पिता रमेश को मकान बेचने पर धमकियां मिल रही थीं। उनसे कहा गया था कि मकान बिकने से पहले उनकी अर्थी उठ जाएगी। मकान खरीदने वाले व्यक्ति को भी डराने का आरोप है। बेटी का कहना है कि डर के चलते पिता घर में न रहकर बाहर सोने लगे थे। गुरुवार सुबह 6 बजे पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मी ने गरोढ़ रोड रेलवे ब्रिज के पास यात्री प्रतीक्षालय में रमेश को मृत देखा। बबीता ने मौत को संदिग्ध बताते हुए भाई-भाभी पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस जांच में जुटी
पंवासा थाना प्रभारी गंगाराम मंडलोई के अनुसार, शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह और संपत्ति को लेकर विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, हत्या के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस साक्ष्य अभी पुलिस को नहीं मिला है। घटना के दौरान मृतक का बेटा ओंकारेश्वर गया हुआ था। पुलिस ने सभी संभावित पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही रमेश की मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।