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रक्षाबंधन पर दिखी पारिवारिक एकता: चोमू वाले बड़जात्या परिवार के 250 से ज्यादा सदस्य हुए शामिल; वरिष्ठ सदस्य सम्मानित

इंदौर। रक्षाबंधन के अवसर पर चोमू वाले बड़जात्या परिवार के करीब 250 सदस्य एकजुट हुए और सामूहिक रूप से पर्व मनाया। परिवार की उपलब्ध जानकारी करीब 250 वर्ष पुरानी है, जो मनसा राम जी तक पहुंचती है। परिवार की 500 से अधिक संततियां देश के अलग-अलग हिस्सों में निवास कर रही हैं, जबकि करीब 250 परिवारजन इंदौर में रहते हैं।

250 से ज्यादा सदस्य एक साथ मनाते हैं। रक्षाबंधन के सामूहिक आयोजन में परिवार के बेटे-बेटियां, भाई-बहन, पोते-पोतियां और नाती-नातिन सहित सभी सदस्य शामिल हुए। परिवार के सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और पारिवारिक एकता के साथ पर्व मनाया।

परिवार के वरिष्ठ सदस्य को मिला लाइफटाइम अवार्ड
इस अवसर पर परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य महेंद्र बड़जात्या को लाइफटाइम अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। परिवार की ओर से उनके योगदान और परिवार को एकजुट रखने में उनकी भूमिका के लिए यह सम्मान दिया गया।

कपूरचंद जी बड़जात्या की परंपरा को आगे बढ़ा रहा परिवार
बड़जात्या परिवार के पितृपुरुष कपूरचंद जी बड़जात्या की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए परिवार पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन पर सामूहिक आयोजन करता आ रहा है। इसमें परिवार के सभी सदस्य उत्साह के साथ शामिल होते हैं।

सात्विक भोजन और भारतीय संस्कृति पर जोर
कार्यक्रम में भारतीय परंपराओं के अनुसार शुद्ध एवं सात्विक भोजन तैयार किया गया। परिवार का कहना है कि आयोजन में पाश्चात्य भोजन को शामिल नहीं किया जाता, ताकि बच्चों और युवा पीढ़ी को भारतीय खान-पान और परंपराओं से जोड़ा जा सके।

आने वाली पीढ़ियों तक संस्कार पहुंचाने की कोशिश
परिवार के सदस्यों के अनुसार बदलते समय में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों को अपनी संस्कृति, धर्म, संस्कार और पारिवारिक परंपराओं से जोड़कर रखना जरूरी है। सामूहिक रक्षाबंधन इसी उद्देश्य से आयोजित किया जाता है, ताकि परिवार की परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती रहें।

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