झारखंड आंदोलन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष पर फेंकी स्याही: विधानसभा घेराव के लिए निकले थे छात्र; आरोपी ABVP का सदस्य

रांची। झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार 14वें दिन भी जारी है। शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। इस दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंक दी।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

विधानसभा घेराव के लिए निकले थे छात्र
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में AISA ने पहले से विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। मार्च से पहले नेहा बोरा ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। फिर आंदोलन को समर्थन दिया।
4 दिन से अनशन पर बैठे छात्र की बिगड़ी तबीयत
आंदोलन के बीच चार दिन से अनशन पर बैठे छात्र राहुल क्रांति की सुबह तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए रांची सदर अस्पताल ले जाया गया। वहीं देवेंद्र नाथ समेत छह छात्र अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

सरकार ने कहा- सिर्फ छात्रों से होगी बातचीत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने और समाधान के लिए तैयार है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि वार्ता केवल छात्रों से की जाएगी। सरकार को प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता और अन्य गैर-छात्र सदस्यों के शामिल होने पर आपत्ति है।
गुरुवार की वार्ता रही बेनतीजा
गुरुवार देर रात प्रशासनिक अधिकारियों और छात्रों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। सहमति नहीं बन सकी। छात्र अपने प्रतिनिधिमंडल में पत्रकारों और पूर्व महाधिवक्ता को शामिल रखने की मांग पर अड़े रहे। जबकि सरकार केवल छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत पर जोर देती रही।

राहुल गांधी ने दिया आंदोलन को समर्थन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात कर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है और छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
CID जांच में 19 गिरफ्तार
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अभय तिवारी से पूछताछ में सामने आया कि परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से 40 से 60 लाख रुपये तक की डील की जाती थी। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।