इंदौर में 103 साल पुरानी परंपरा का जश्न: अनंत चतुर्दशी पर झांकियों से जगमगाएगा शहर; सुरक्षा-ट्रैफिक के कड़े इंतजाम, डीजे पर पूरी रोक

इंदौर। 103 साल पुरानी अनंत चतुर्दशी झांकी परंपरा एक बार फिर शहर को उत्सव के रंग में रंगने जा रही है। इस साल गणेश उत्सव के 11वें दिन 25 सितंबर को अनंन्त चतुर्दशी है। शुक्रवार शाम 6 बजे से झांकियों का कारवां निकलना शुरू होगा।
पौराणिक कथाओं, भगवान शिव-गणेश, जगन्नाथ रथयात्रा, नारी शक्ति और नशामुक्ति जैसे संदेशों से सजी झांकियां शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए राजवाड़ा पहुंचेंगी।
इस बार भव्य आयोजन के साथ व्यवस्था पर भी खास फोकस रहेगा। अखाड़ों के प्रदर्शन के लिए समय तय रहेगा, डीजे पर रोक होगी और पूरे रूट की ड्रोन, सीसीटीवी व फेस रिकग्निशन कैमरों से निगरानी की जाएगी।

शाम 6 बजे शुरू होगा झांकियों का कारवां
चल समारोह में झांकियां शाम 6 बजे से निकलना शुरू होंगी। सबसे पहले श्री खजराना गणेश मंदिर की झांकी निकलेगी। इसके बाद श्री शास्त्री कॉर्नर नवयुवक मंडल, इंदौर विकास प्राधिकरण, इंदौर नगर निगम, होप टेक्सटाइल, कल्याण मिल, मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल और स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की झांकियां शामिल होंगी।
झांकियां शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकलकर डीआरपी लाइन चौराहे पर एकत्र होंगी। यहां से चिकमंगलूर चौराहा, जेल रोड, एमजी रोड, मृगनयनी, फ्रूट मार्केट, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नृसिंह बाजार, क्लॉथ मार्केट और खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा पहुंचेंगी। इसके बाद झांकियां अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगी।

इस बार क्या बदला?
अनंत चतुर्दशी चल समारोह में इस बार टाइम मैनेजमेंट और नॉइस कंट्रोल पर खास जोर रहेगा। अखाड़ों के प्रदर्शन स्थल पर डिजिटल क्लॉक लगाई जाएगी। अखाड़ों को तय समय में प्रदर्शन पूरा करना होगा। समय सीमा से ज्यादा प्रदर्शन करने पर नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। एक झांकी पर अधिकतम दो स्पीकर लगाए जा सकेंगे, जबकि डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियम तोड़ने पर साउंड सिस्टम जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के लिए 2 हजार जवान, ड्रोन से निगरानी
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। शहर में पुलिस बल को 6 संभाग, 12 जोन और 22 सेक्टर में बांटकर तैनात किया जाएगा। करीब 5 किमी के झांकी मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से 4 सेक्टर में बांटा गया है। वॉच टॉवर के साथ ड्रोन, सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन कैमरों से निगरानी होगी। ऊंची इमारतों पर भी पुलिस जवान तैनात रहेंगे। चल समारोह के लिए करीब 2 हजार जवानों का फोर्स तैनात रहेगा। महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ रोकने के लिए 50 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात रहेंगी।

झांकियों में दिखेंगी पौराणिक कथाएं, सामाजिक संदेश
इस बार झांकियों में धर्म, संस्कृति और सामाजिक संदेशों का संगम देखने को मिलेगा। कहीं भगवान शिव और गणेश से जुड़े प्रसंग होंगे तो कहीं जगन्नाथ रथयात्रा, नारी शक्ति और नशामुक्ति जैसे विषयों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए भी विशेष झांकी तैयार की गई है।

स्वदेशी मिल : दुर्गा माता-महिषासुर वध, शिव प्रसंग और नशामुक्ति का संदेश।
कल्याण मिल : भगवान जगन्नाथ की पहली रथयात्रा और नारी शक्ति।
होप टेक्सटाइल : गणेश आराधना और भगवान शिव की बारात।
मालवा मिल : ‘मछली जल की रानी है’, चंद्रमा-रोहिणी विवाह और शिव बारात।
राजकुमार मिल : जगन्नाथ भजन की थीम और मधु-कैटभ वध की 80 फीट की झांकी।
नगर निगम : शहर का विकास, जेनजी, जनकल्याण योजनाएं और कृष्ण-सुदामा का मिलन।

राजकुमार मिल की 80 फीट झांकी आकर्षण का केंद्र
राजकुमार मिल की एक झांकी भगवान जगन्नाथ से जुड़े भजन की थीम पर आधारित है। दूसरी झांकी मधु-कैटभ वध की पौराणिक कथा को दिखाएगी। इसे 80 फीट की ट्रॉली पर तैयार किया गया है। बड़े आकार के कारण झांकी को पहले दो हिस्सों में तैयार किया गया और बाद में जोड़कर पूरा किया गया।
नगर निगम की झांकी में विकास से जेनजी तक
नगर निगम की झांकियों में शहर के विकास कार्यों के साथ नई पीढ़ी को केंद्र में रखा गया है। इनमें सौर ऊर्जा, वाटर रिचार्जिंग, 24 घंटे जल आपूर्ति, पौधरोपण, मेट्रो, सड़क निर्माण, सीवरेज ट्रीटमेंट और स्वच्छता-यातायात में किए जा रहे नवाचार दिखाए जाएंगे। एक झांकी में जेनजी के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं एक झांकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शासन के 25 सालों की थीम पर आधारित होगी।
झांकियों को मिलेंगे पुरस्कार
चल समारोह में बेहतर प्रदर्शन करने वाली झांकियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम स्थान की झांकी को 1 लाख रुपए और अन्य विजेता झांकियों को 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
ट्रैफिक प्लान : इन रास्तों पर जाने से बचें
चल समारोह के दौरान शुक्रवार दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। झांकी रूट पर सभी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। नंदलालपुरा, यशवंत रोड, नरसिंह बाजार, राजवाड़ा और कृष्णपुरा पुल सहित प्रमुख क्षेत्रों में नो-पार्किंग रहेगी। भारी वाहनों के लिए भी कई रास्ते बंद रहेंगे।

इन रास्तों से निकलें
मरीमाता से रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जाने वाले वाहन भागीरथपुरा तिराहा, एमआर-4, राजकुमार ब्रिज के नीचे, वल्लभ नगर तिराहा और जीएसआईटीएस होकर जा सकेंगे।
जवाहर मार्ग से यशवंत रोड जाने के लिए सैफी चौराहा, हाथीपाला, बड़ा रावला और रावजी बाजार मार्ग का उपयोग किया जा सकेगा।
मधुमिलन से नंदलालपुरा, यशवंत रोड और राजमोहल्ला जाने वाले वाहन फॉरेस्ट तिराहा, अग्रसेन चौराहा और सपना-संगीता रोड का उपयोग कर सकेंगे।

भीड़ में वाहन न ले जाएं
यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से भीड़ वाले क्षेत्रों में वाहन लेकर न जाएं। जरूरत होने पर ई-रिक्शा या दोपहिया वाहन से पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था का उपयोग करें। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे आवश्यक सेवा वाहनों पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा।