बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग से बदसलूकी का वीडियो वायरल: 4 आरोपी गिरफ्तार; सरकार पर उठ रहे सवाल

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ सड़क पर बदसलूकी का वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में कुछ युवक लड़की को रोकते और उसके साथ जबरन खींचतान करते दिखाई दे रहे हैं। घटना कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में बूढ़ी गंडक नदी के बाइपास बांध के पास की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
56 सेकेंड के वीडियो में दिखी घटना
वीडियो में लड़की कुछ युवकों के बीच नजर आ रही है। वह खुद को छुड़ाने की कोशिश करते हुए वहां से जाने की बात कहती दिखाई देती है। वीडियो में एक युवक उसका हाथ पकड़ता नजर आता है, जबकि दूसरे युवक भी उसके साथ खींचतान करते दिख रहे हैं। लड़की के विरोध के बावजूद युवक उसे कुछ देर तक जाने नहीं देते। आसपास कुछ लोग मौजूद दिखाई देते हैं, लेकिन तत्काल हस्तक्षेप करते हुए नजर नहीं आते।
पुलिस को रात में मिली जानकारी
समस्तीपुर पुलिस के मुताबिक, घटना से संबंधित वीडियो की जानकारी 23 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे मिली। इसके बाद कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार और रामबाबू सहनी जगतसिंहपुर गांव के बताए गए हैं, जबकि अवधेश पासवान कर्पूरीग्राम का रहने वाला है।
वीडियो कब का है, इसकी भी जांच
पुलिस अब वीडियो में दिखाई दे रही नाबालिग की पहचान और घटना की वास्तविक तारीख का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी।
पांच दिन में बिहार में दूसरा मामला
इससे पहले 19 सितंबर को बिहार के जमुई में भी नाबालिग लड़की से बदसलूकी का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। समस्तीपुर की घटना का वीडियो सामने आने के बाद दोनों मामलों को लेकर राज्य में कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
नेताओं ने कार्रवाई को लेकर दिए बयान
विपक्षी नेताओं ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए मामले में आगे भी कार्रवाई की बात कही गई है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव, कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने घटना को लेकर सरकार की आलोचना की। वहीं, जेडीयू विधायक श्याम रजक ने इसे चिंता का विषय बताते हुए पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी।