वर्ल्ड आइसक्रीम डे आज, जानिए कैसे एक आइसक्रीम बदल सकती है आपका मूड?

बचपन से लेकर अभी तक हमारी सबसे पंसदीदा चीजों में से एक ‘आइसक्रीम’ के लिए हर साल जुलाई के तीसरे रविवार को वर्ल्ड आइसक्रीम डे मनाया जाता है। आज के समय में जब हर कोई अपनी हेल्थ को लेकर काफी सजग है तब यह डर सताना लाजमी है कि इतनी शक़्कर से बनी आइसक्रीम से कही हमारे शरीर को कोई नुकसान न हो। आज 19 जुलाई को वर्ल्ड आइसक्रीम डे के अवसर पर आइए जानते है कि आइसक्रीम खाने से हमें फायदा होगा या नुकसान।

आइसक्रीम का इतिहास

आइसक्रीम की शुरूआत दूसरी शताब्दी में हुई। मगर 16वीं शताब्दी में इसे आइसक्रीम के रूप में विकसित किया गया। वहीं अमेरिका में आइसक्रीम का पहला एडवरटिज़मेंट 1777 में न्यूयॉर्क गजट में पब्लिश हुआ। 19 वी संदी के अंत तक इस उपलब्धता बढ़ चुकी थी। एक रिसर्च के अनुसार आइसक्रीम का आविष्कार चीन में हुआ, जिसे मार्को पोलो इटली लाया था। उसके बाद कैथरीन डी मेडिसी ने इसे फ्रांस के लोगों तक पहुंचाया। उसके बाद थॉमस जेफरसन इसे अमेरिका लेकर आए।

आइसक्रीम के माइक्रो न्यूट्रिएंट्स से बदलेगा आपका मूड

आइसक्रीम खाना का सबसे पहला फायदा यह है कि यह आपको खुश रखती है। दरअसल आइसक्रीम खाने से शरीर को माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की प्राप्ति होती है। इससे शरीर को पोषण के साथ एनर्जी भी भरपूर मात्रा में मिलती है। आइसक्रीम मूड स्विंग की समस्या को हल करने में बहुत बड़ी मददगार साबित होती है। इसको खाने के बाद आपके शरीर में हैप्पी हार्मोनस रिलीज़ होते हैं और आप अच्छा फील करते है।

शुगर और कार्बोहाइड्रेट से मिलेगी एनर्जी

आइसक्रीम में मौजूद शुगर और कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा (इंस्टेंट एनर्जी) प्रदान करने में मदद करते हैं। इसे खाने से शरीर को ग्लूकोज मिलता है, जो ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। इसके अलावा, इसमें मौजूद अन्य कार्बोहाइड्रेट भी शरीर को आवश्यक ऊर्जा उपलब्ध कराते हैं और कई शारीरिक प्रक्रियाओं (बॉडी फंक्शंस) के सुचारु संचालन में सहायक होते हैं।

डोपामाइन और सेरोटोनिन हॉर्मोन में होगा इजाफा

आइसक्रीम खाने से शरीर में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन का स्राव बढ़ सकता है, जिन्हें ‘हैप्पी हार्मोन’ भी कहा जाता है। यही वजह है कि आइसक्रीम खाने के बाद कई लोगों का मूड बेहतर महसूस होता है। इसके अलावा, आइसक्रीम कुछ समय के लिए पेट भरा होने का एहसास भी दिला सकती है, जिससे भूख को नियंत्रित करने और संतुलित मात्रा में भोजन लेने में मदद मिल सकती है।

 

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