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30 जुलाई से 7 सितंबर तक महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भाद्रपद महापर्व के दौरान भगवान महाकाल जल्दी जागेंगे; भस्म आरती और दर्शन व्यवस्था का बदलेगा शेड्यूल

ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भाद्रपद महापर्व के दौरान भगवान महाकाल जल्दी जागेंगे। इससे मंदिर के पट खुलने से लेकर भस्म आरती और दर्शन व्यवस्था का पूरा शेड्यूल बदल जाएगा। 30 जुलाई से सात सितंबर तक चलने वाले इस महापर्व के दौरान मंदिर के पट सामान्य दिनों की तुलना में एक से डेढ़ घंटे पहले खुलेंगे, जिससे श्रद्धालु प्रतिदिन लगभग 19 घंटे भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार सामान्य दिनों में महाकाल मंदिर के पट तड़के चार बजे खुलते हैं, लेकिन महापर्व के दौरान प्रत्येक रविवार को यह रात 2.30 बजे और सोमवार से शनिवार तक रात तीन बजे खुलेंगे। इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती शुरू होगी, जो रात 10 बजे शयन आरती के पहले तक चलेगी।

पांचों पहर की आरती में चलायमान दर्शन, कार्तिकेय मंडपम में चलेंगी तीन कतारें

दरअसल महाकाल मंदिर में प्रतिदिन पांच पहर की आरती होती हैं। वर्तमान में भस्म आरती, संध्या आरती और शयन आरती में चलायमान दर्शन की सुविधा उपलब्ध है लेकिन श्रावण और भाद्रपद मास में श्रद्धालुओं को सभी पांचों पहर की आरती में चलायमान दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम में एक साथ तीन कतार चलाने का निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक संख्या में भक्तों को आरती के दर्शन का अवसर मिल सके।

महापर्व के दौरान दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश व्यवस्था

  • सामान्य दर्शनार्थी: श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार से प्रवेश करेंगे।
  • शीघ्र दर्शन: 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था हरसिद्धि चौराहा व गेट नं. 1 से रहेगी।
  • प्रोटोकाल दर्शन: प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीवीआइपी भक्तों को नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

नागपंचमी पर सवारी का अनूठा संयोग, 24 घंटे खुलेंगे नागचंद्रेश्वर के पट

इस बार नागपंचमी का संयोग 17 अगस्त को श्रावण के तीसरे सोमवार के दिन बन रहा है। इस दिन महाकाल मंदिर के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 24 घंटे खुले रहेंगे। शाम चार बजे राजसी वैभव के साथ भगवान महाकाल की सवारी भी निकलेगी।

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