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राज्यसभा में अमित शाह पेश करेंगे वंदे मातरम से जुड़ा बिल; मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, 40 पार्टियां शामिल हुईं

मानसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, DMK सहित 40 दलों के 58 नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक के बीच विपक्ष ने सांकेतिक वॉकआउट किया।

विपक्ष इस बात से नाराज था कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है। ऑल पार्टी मीटिंग के बाद लोकसभा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग हुई। इसमें बिलों पर चर्चा के लिए समय तय किया गया। किरेन रिजिजू ने बताया कि BAC की बैठक के मुताबिक FCRA संशोधन बिल पर 4 घंटे चर्चा होगी। इसके अलावा आयकर संशोधन बिल के लिए 4 घंटे, जजों की संख्या से जुड़े बिल के लिए 4 घंटे, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन बिल के लिए 4 घंटे, वंदेमातरम से जुड़े बिल के लिए 4 घंटे और MSME बिल पर चर्चा के लिए 5 घंटे तय किए गए हैं।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। सोमवार को अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे। साथ ही राज्यसभा की बिजनेस एडवाइ़जरी कमेटी की बैठक कल दोपहर 1 बजे होगी।

महुआ बोलीं- बागी सांसद यहां क्यों

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वामपंथी दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरे विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का वॉकआउट किया है। उन्होंने कहा कि टेबल ऑफिस की लिस्ट में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सदस्य संख्या 28 दिखाई गई है, जबकि एनसीपीआई (NCPI) नाम की एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी के 20 बागी सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता की याचिकाएं अभी लंबित हैं। महुआ ने सवाल उठाया कि 91वें संशोधन के बाद जब किसी अलग गुट की गुंजाइश ही नहीं है, तो संसदीय कार्य मंत्री ने इन 20 बागी सांसदों को किस आधार पर न्योता दिया? इसी के विरोध में पूरे विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार किया है।

रिजिजू बोले- सदन सबका

NCPI के 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हस्ताक्षरित आवेदन देकर नए दल के रूप में मान्यता और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। यह मामला स्पीकर के विचाराधीन है। जब मामला स्पीकर के पास है और 20 सांसदों का समूह मौजूद है, तो उन्हें सर्वदलीय बैठक में कैसे नहीं बुलाया जा सकता? लोकसभा सभी की है। सरकार का दायित्व है कि वह सभी दलों से बातचीत करे। यदि सहमति बनानी है तो सभी को आमंत्रित करना होगा। TMC के बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए संसद एनेक्सी बिल्डिंग पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह आज एक नई राजनीतिक पार्टी, NCPI (नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया) के नेता के तौर पर इस बैठक में शामिल हो रहे हैं।

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