उज्जैन में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत: 16 दिन चले इलाज के बाद इंदौर के अस्पताल में तोड़ा दम; स्वास्थ्य विभाग ने नहीं ली सुध

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में स्वाइन फ्लू (H1N1 वायरस) जैसी घातक बीमारी ने एक बार फिर पांव पसारना शुरू कर दिया है। शहर के ऋषि नगर एक्सटेंशन निवासी 60 वर्षीय सरोज नागर की स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से बुधवार को इलाज के दौरान इंदौर में मौत हो गई। महिला पिछले 16 दिनों से इस गंभीर बीमारी से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड बैंक कर्मचारी की पत्नी सरोज नागर 31 जुलाई को मामूली रूप से बीमार हुई थीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत उज्जैन के अवंती अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, स्वास्थ्य में सुधार न होने और हालत लगातार बिगड़ने पर उन्हें 3 अगस्त को इंदौर के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। इंदौर में जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों ने उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि की और आईसीयू में इलाज शुरू किया। उन्हें 16 दिन आइसोलेशन में रखा गया। उनकी तबीयत में तब भी कोई सुधार नहीं होने पर परिजन 16 अगस्त को उन्हें वापस उज्जैन ले गए। बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

स्वास्थ्य विभाग का गैर-जिम्मेदाराना रवैया

महिला के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की जानकारी मिलने के बाद शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिकता निभाते हुए सिर्फ एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को मरीज के घर भेजा था। लेकिन इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर इलाके में न तो कोई सैनिटाइजेशन कराया गया और न ही संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग की गई। विभाग की इस लापरवाही को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। मामले की जानकारी और विभाग का पक्ष जानने के लिए जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) अशोक पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

 

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