उज्जैन में ड्यूटी के दौरान करंट लगने से आउटसोर्स कर्मचारी की मौत, परिजनों ने मुआवजा और नौकरी की मांग की
उज्जैन जिले के पंथ पिपलई क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान बिजली के खंभे पर काम करते समय करंट लगने से एक आउटसोर्स कर्मचारी की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल कर्मचारी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों ने बिजली कंपनी और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
मृतक की पहचान ग्राम किठोदा निवासी सुनील सोलंकी (33) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, वह पिछले करीब 12 वर्षों से बिजली कंपनी में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे उन्हें पंथ पिपलई क्षेत्र में विद्युत लाइन पर मरम्मत कार्य के लिए भेजा गया था। इसी दौरान बिजली के खंभे पर काम करते समय उन्हें करंट लग गया, जिससे वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार शाम करीब 6 बजे उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद बिजली कंपनी का कोई अधिकारी मौके या अस्पताल नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि ग्रामीणों की मदद से ही सुनील को अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज कराया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि अब तक विभाग की ओर से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या संवेदना व्यक्त नहीं की गई है।
सुनील सोलंकी अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिजनों ने सरकार और बिजली कंपनी से उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को नियमानुसार नौकरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान हुई इस मौत की जिम्मेदारी विभाग को लेते हुए सभी नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराए जाएं।
पुलिस जांच में जुटी
नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि बिजली के खंभे पर कार्य के दौरान करंट लगने से कर्मचारी नीचे गिर गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।