शॉर्टकट बना मौत का कारण: उफनते नाले में बहे सहायक सचिव का शव 36 घंटे बाद चंबल नदी में मिला
उज्जैन। इंगोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम गावड़ी लोधा में तेज बारिश के दौरान पुलिया पार करते हुए बाइक के साथ बह गए ग्राम पंचायत सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगिरा (35) का शव करीब 36 घंटे बाद शनिवार सुबह चंबल नदी से बरामद किया गया। घटनास्थल से लगभग साढ़े चार किलोमीटर दूर मिला शव। दो दिनों तक होमगार्ड, एसडीआरएफ और ग्रामीणों द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद शव खोजा जा सका।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे सूर्यप्रकाश सिंह अपने गांव के ही कृष्णपाल सिंह के साथ उज्जैन से लौट रहे थे। रास्ते में गामड़ी लोधा के नाले पर बनी पुरानी पुलिया के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी बह रहा था। खतरे को देखते हुए उनके साथी कृष्णपाल सिंह बाइक से उतर गए, लेकिन सूर्यप्रकाश सिंह ने बाइक निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान तेज बहाव ने उन्हें बाइक समेत अपनी चपेट में ले लिया और वह बह गए।
घटना की सूचना मिलते ही गुरुवार रात करीब 9:30 बजे से होमगार्ड, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। शुक्रवार को पूरे दिन ग्रामीणों के सहयोग से करीब ढाई से तीन किलोमीटर क्षेत्र में तलाश की गई। इस दौरान पुलिया से लगभग 300 मीटर दूर उनकी बाइक तो मिल गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। शाम को अंधेरा होने और चंबल नदी में तेज बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा।
होमगार्ड अधिकारियों के अनुसार, जिस नाले में सूर्यप्रकाश सिंह बहे थे, वह आगे जाकर लगभग तीन किलोमीटर बाद चंबल नदी में मिलता है। वहां से भी शव करीब डेढ़ किलोमीटर आगे बह गया था, जिसके कारण कुल दूरी लगभग साढ़े चार किलोमीटर हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लिए नया और सुरक्षित मार्ग पहले से उपलब्ध है, लेकिन संभवतः शॉर्टकट अपनाने के कारण सूर्यप्रकाश सिंह पुरानी पुलिया से निकलने का प्रयास कर रहे थे, जो उनकी जान पर भारी पड़ गया।
शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक जितेंद्र सिंह पंड्या भी घटनास्थल पहुंचे थे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान तेज करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने प्रशासन से नाले पर बने चेक डैम को तोड़कर पानी की निकासी कराने के भी निर्देश दिए, ताकि तलाश अभियान में आसानी हो सके। घटना के समय मौके पर एसडीएम धीरेंद्र पाराशर, जनपद सीईओ सहित बड़नगर अनुभाग का प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। सूर्यप्रकाश सिंह के परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और आठ माह पहले जन्मा एक बेटा है। इस हादसे से पूरे गांव में शोक का माहौल है।