उज्जैन में ब्रिज टेस्टिंग के लिए 1 घंटे कूदे 300 गार्ड: ओवैसी बोले- गजब का दिमाग, आइडिया देश से बाहर न जाए

उज्जैन। नागपंचमी से पहले मंदिर के ब्रिज की मजबूती जांचने के लिए 100 से ज्यादा गार्ड को ब्रिज पर जम्प करवाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। इसके वीडियो पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा और सोशल मीडिया पर लिखा- “ये तो गजब के… दिमागी हैं।”
ऐसा आइडिया देश से बाहर नहीं जाना चाहिए
ओवैसी के रिएक्शन के बाद कई यूजर्स ने इसे सुरक्षा जांच के नाम पर गार्डों की जान जोखिम में डालना बताया। एक महिला ने पोस्ट कर लिखा कि ऐसा आइडिया देश से बाहर नहीं जाना चाहिए। मंदिर में एक आईएएस समेत करीब आठ राज्य प्रशासनिक अधिकारी ड्यूटी पर तैनात हैं। वहीं, सांसद अनिल फिरोजिया ने ओवैसी पर पलटवार करते हुए कहा कि क्या उन्हें ब्रिज की मजबूती और टेस्टिंग की जानकारी है? जनता की सुरक्षा हमारा धर्म है, हमें न सिखाएं।

हर साल इसी तरह होती है जांच
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में बना 91 फीट लंबा फुट ओवरब्रिज नागपंचमी पर श्रद्धालुओं की आवाजाही का अहम हिस्सा बन जाता है। साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में ब्रिज की सुरक्षा और भार क्षमता जांचने के लिए हर साल सुरक्षा गार्डों से करीब 10 मिनट तक एक साथ जम्प कराकर जंप टेस्ट किया जाता है। इस बार इस अनोखे परीक्षण का वीडियो सामने आने के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए, जिससे ब्रिज टेस्ट सुर्खियों में आ गया।
भक्तों की सुविधा के लिए किया टेस्ट
सांसद अनिल फिरोजिया ने ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ओवैसी कितनी बार उज्जैन आए है और उन्हे उज्जैन की क्या परिस्थितीयां है यह मालूम है? हमने जम्प टेस्ट करवाने से पहले पल की अच्छी तरह जांच की थी। जंप टेस्ट इसलिए करवाया था जिससे पुल की लोगों का वजन उठाने की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकें। यह पूरी जांच सुरक्षा को ध्यान में रखकर और भक्तों की सुविधा के लिए की गई थी।