उज्जैन में आस्था का सैलाब: महाकाल दर्शन के लिए उमड़ी भीड़; जूते-चप्पलों के ढेर से JCB बुलानी पड़ी

उज्जैन। नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के महासंयोग पर धार्मिक नगरी उज्जैन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई जगह जूते-चप्पलों के ढेर लग गए। हालात संभालने के लिए नगर निगम को JCB और डंपरों की मदद लेनी पड़ी।
नागपंचमी पर साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में इस बार 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पिछले साल यह संख्या करीब 8 लाख थी। वहीं श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी 4 लाख 80 हजार से ज्यादा भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। बाबा महाकाल की सवारी के दौरान भी शहर की सड़कों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।

जूता स्टैंड पर लग गया जूतों का पहाड़
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मंदिर और आसपास की सड़कें व गलियां खचाखच भर गईं। दर्शन के लिए लगी लंबी कतारों और भीड़ के बीच कई श्रद्धालु जूता स्टैंड तक नहीं पहुंच सके और रास्ते में ही जूते-चप्पल उतारकर आगे बढ़ गए।
दर्शन के बाद कर्कराज मंदिर पार्किंग स्थित जूता स्टैंड पर जूते-चप्पलों का बड़ा ढेर जमा हो गया। स्थिति ऐसी बनी कि नगर निगम को JCB मशीन बुलाकर जूते-चप्पल हटाने पड़े। डंपरों की मदद से इन्हें वहां से हटाया गया।

कई जगह बनाए गए थे अस्थायी जूता स्टैंड
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भील समाज धर्मशाला और झालरिया मठ सहित कई स्थानों पर अस्थायी जूता स्टैंड बनाए थे। हालांकि नागपंचमी और सावन सोमवार पर उमड़ी भारी भीड़ के सामने व्यवस्थाएं कम पड़ गईं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रास्तों में ही जूते-चप्पल उतार दिए। भीड़ बढ़ने के कारण कई लोग दर्शन के बाद अपने जूते-चप्पल लेने तक नहीं पहुंच पाए और उन्हें वहीं छोड़कर लौटना पड़ा।