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शुभेंदु अधिकारी सरकार के एक महीने पूरे, भ्रष्टाचार, घुसपैठ और प्रशासनिक सुधारों पर रहा फोकस

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता Suvendu Adhikari के नेतृत्व में बनी सरकार ने अपना पहला महीना पूरा कर लिया है। 9 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सरकार ने प्रशासनिक सुधार, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, महिला कल्याण योजनाओं और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का दावा किया है।

महिलाओं के लिए नई योजनाओं पर जोर

सरकार ने पहले महीने में महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना लागू करने और सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने जैसे कदम उठाए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई

सरकार के शुरुआती कार्यकाल में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई प्रमुख मुद्दा रही। विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है और शिक्षा भर्ती समेत कई मामलों में जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने और शिकायतों की निगरानी के लिए विशेष तंत्र विकसित करने की बात कही है।

सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख

भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय मजबूत करने और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए नई व्यवस्थाओं पर काम शुरू किया है। सरकार का दावा है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

आयुष्मान भारत समेत कई केंद्रीय योजनाओं को बढ़ावा

सरकार के पहले महीने की सबसे चर्चित पहलों में से एक आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करने की दिशा में बढ़ाया गया कदम रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठकों में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।

रोजगार और प्रशासनिक सुधार

सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने इसे लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं में हुई देरी से प्रभावित युवाओं के लिए राहत बताया।

इसके अलावा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, प्रशासनिक प्रशिक्षण और सरकारी विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए भी कई फैसले लिए गए हैं।

उद्योग और निवेश पर फोकस

राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें शुरू की हैं। बंद पड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने और नए निवेश लाने के प्रयासों को सरकार अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

हालांकि सरकार के इन कदमों को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल भी उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि कई कार्रवाइयां राजनीतिक प्रेरणा से की जा रही हैं और विकास के साथ-साथ पुनर्वास तथा सामाजिक संतुलन पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।

आगे की चुनौतियां

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी सरकार का पहला महीना नीतिगत घोषणाओं और प्रशासनिक संदेश देने का रहा है। आने वाले महीनों में इन घोषणाओं का जमीनी असर और उनके परिणाम ही सरकार की वास्तविक परीक्षा होंगे। फिलहाल राज्य की राजनीति में भाजपा सरकार के शुरुआती फैसले चर्चा के केंद्र में बने

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