गुरु पूर्णिमा आज: जानिए क्या है जीवन में गुरु का महत्व, यह है पूजा का सही तरीका और शुभ मुहूर्त

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा। यह अवसर है हमारे जीवन में आए गुरुओं के प्रति कृतग्यता और सम्मान प्रकट करने का। गुरु के माध्यम से ही हम जीवन में हर सुख और लक्ष्य हासिल कर पाते है। गुरु के बिना हमारा जीवन उस बिना मलाह की नाव की तरह है। जिसे अपनी मंजिल मालुम है लेकिन उस तक पहुंचना कैसे है वह गुरु ही बता सकते है। आइए जानते है इस विशेष अवसर पर गुरु की पूजा कैसे करे।
इस तरह करे पूजा
गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान कर पीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। घर के ईशान कोण में चौकी स्थापित कर महर्षि वेदव्यास, अपने गुरुदेव और भगवान विष्णु व शिव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। रोली, चंदन, अक्षत, पीले पुष्प, फल व मिष्ठान अर्पित करें। गुरु के चरणों का ध्यान कर उन्हें प्रणाम करें। इसके बाद ‘ॐ गुरुभ्यो नमः’ और ‘ॐ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। अंत में कपूर से आरती करें। परिवार के बड़े-बुजुर्गों और अपने गुरुओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें।
यह है शुभ मुहूर्त
इस बार गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजे से 9 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में गुरु का ध्यान, जप, पूजा करने से आपको गुरु की विशेष कृपा प्राप्त होगी। इसके अलावा आज के दिन सत्यनारायण की कथा सुनना भी बहुत शुभ मन जाता है। इसके अलावा अपने जीवन में आए हर शिक्षक और उस व्यक्ति को जरूर नमन करे जिसने आपको कुछ सिखाया और आगे बढ़ने में सहायता की।