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सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक है अकेलापन, जानिए क्या है लक्षण, कैसे कर सकते है बचाव

आज के डिजिटल ईरा में हर कोई सिर्फ एक कॉल और मैसेज पर आपके लिए उपलब्ध होता है इसके बावजूद लोगों में अकेलापन बढ़ रहा है जो उनके मानसिक स्वास्थ के लिए बेहद खतरनाक है। फ़ोन ने जितना दुनिया को हमारे करीब ला दिया उतना ही दूर हमसे असली प्रेम, भावनाएं और रिश्ते हो गए है। एक समय था जब रिश्तेदार, दोस्त हर थोड़े समय में एक दूसरे से मिलते थे लेकिन आज के समय में सिर्फ फ़ोन पर ही रिश्ते निभाए जा रहा है। जब आपको असली में किसी की जरूरत होती है तो आप बिलकुल अकेले रह जाते है। साल 2017 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, अकेलापन रोज 15 सिगरेट पीने जितना नुकसानदायक है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने अकेलेपन को पब्लिक हेल्थ इश्यू माना है।

अकेलेपन और अकेले रहने में अंतर है

कई लोग अकेले रहने और अकेलेपन को गलत समझ लेते है। जब कोई अपनी मर्जी से अकेला रहना चाहता है। ऐसा वह अपनी मानसिक शांति या खुद के साथ समय बिताने के लिए कर सकता है। वही अकेलापन वो भावनात्मक स्थित है जब जिसमें व्यक्ति दूसरों के बीच रहते हुए भी खुद को अनसुना या डिसकनेक्टेड महसूस करता है। उदाहरण के तौर पर किसी व्यक्ति के पास बहुत सारे दोस्त हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद अगर उसे यह महसूस हो कि उनमें से कोई उसके सबसे आंतरिक कोनों और भावनाओं को नहीं समझता, तो वह भीतर से अकेला महसूस कर सकता है।

अकेलेपन से बढ़ता है स्ट्रेस लेवल

कुछ समय तक इस तरह की स्थिति समान्य हो सकती है लेकिन अगर लम्बे समय तक ऐसा ही है तो फिर यह एक खतरनाक स्थिति बन सकती है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक अकेलापन महसूस करता है, तो ब्रेन इसे सोशल इनसिक्योरिटी या खतरा समझता है। इससे बॉडी का ‘फाइट-एंड-फ्लाइट’ रिस्पॉन्स बार-बार एक्टिव होता है। इसके कारण स्ट्रेस लेवल बढ़ जाता है।

नेगटिव थिंकिंग बढ़ाता है अकेलापन

इसके अलावा लम्बे समय तक अकेला रहने से आपकी नेगटिव थिंकिंग बढ़ती है, फोकस कम होता है, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। आपके आत्मविश्वास में कमी आती है। इसके साथ डिप्रेशन में जाने का खतरा भी बढ़ता है। लंबे समय तक अकेला रहने से व्यक्ति मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर डिपेंड हो जाता है। इससे उसका स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है।

यह है अकेलेपन के लक्षण

अकेलेपन से बचने और इसे पहचानने के लिए आपको इसके लक्षण जानना जरुरी है। इसका सबसे प्रमुख लक्षण है कि आप खुद ही लोगों से दूरी बना लेते हो। आपको खालीपन महसूस होने लगता है ,आप पहले से ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हो। इसके अलावा सोशल मीडिया का ज्यादा उपयोग और ओवरईटिंग भी इसका एक बड़ा लक्षण है।

अकेलेपन से डरे नहीं, इसका इलाज करे

जब आपको अकेलापन लंबे समय तक परेशान करे। आप इससे बाहर निकलने में मुश्किल महसूस करे और आपके रिश्ते, काम या पढ़ाई पर असर पड़े तब आपको तुरंत किसी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। अकेलापन एक भावनात्मक बीमारी है जिसे कुछ दवाओं और थेरेपी से ठीक किया जा सकता है। इससे डरे नहीं बल्कि सही सलाह लेकर इसका इलाज करे।

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