शक्कर के थोक भाव 67 रुपए किलो पार: रिटेल में 70 रुपए तक पहुंचने की आशंका; किराना महासंघ ने सटोरियों पर निगरानी की मांग

भोपाल। शक्कर के भाव में लगातार तेजी से उपभोक्ताओं और किराना कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। भोपाल में शक्कर का थोक भाव 66 से 67 रुपए किलो के पार पहुंच गया है। बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा तो रिटेल भाव 70 रुपए किलो तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने तेजी के पीछे सटोरियों की सक्रियता और जमाखोरी की आशंका जताते हुए सरकार से बाजार की निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
सटोरियों की सक्रियता पर नजर रखने की मांग
विवेक साहू ने कहा कि शक्कर जैसी आवश्यक वस्तु के भाव केवल मांग और आपूर्ति से तय नहीं होते, बल्कि बाजार में भविष्य में भाव बढ़ने की अटकलों का भी असर पड़ता है। यदि वास्तविक खरीद-बिक्री के बजाय कीमत बढ़ने की उम्मीद में बड़ी मात्रा में माल रोका जा रहा है तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
उन्होंने सरकार से चीनी मिलों, बड़े स्टॉकिस्ट, थोक मंडियों और कारोबारियों के स्टॉक की जांच कराने की मांग की है।

माल उपलब्ध है तो भाव क्यों बढ़ रहे हैं?
महासंघ महामंत्री ने कहा कि बाजार में पर्याप्त माल और मिलों से सप्लाई होने के बावजूद कीमतों में तेजी बड़ा सवाल है। सरकार को यह पता करना चाहिए कि किस कारोबारी के पास कितना स्टॉक है, माल कब और किस भाव पर खरीदा गया था। अचानक स्टॉक बढ़ने या असामान्य खरीदारी की स्थिति में जांच की जानी चाहिए।
ईमानदार व्यापारियों पर भी असर
साहू ने कहा कि सट्टेबाजी या जमाखोरी के कारण ईमानदारी से कारोबार करने वाले थोक और रिटेल व्यापारियों को भी परेशानी होती है। लगातार बदलते भाव के कारण व्यापारियों के लिए अगली खरीद, स्टॉक का मूल्यांकन और ग्राहकों को उचित कीमत पर बिक्री करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गतिविधियों के लिए पूरे किराना व्यापार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
सरकार बढ़ाए निगरानी, सप्लाई पर भी विचार
उन्होंने सरकार से रोजाना स्टॉक और कीमतों की निगरानी करने, बड़े स्टॉक रखने वालों का रिकॉर्ड जांचने और जमाखोरी या कालाबाजारी मिलने पर कार्रवाई करने की मांग की। जरूरत पड़ने पर बाजार में अतिरिक्त शक्कर उपलब्ध कराने और सप्लाई बढ़ाने जैसे विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही।
व्यापारियों और ग्राहकों से अपील
साहू ने व्यापारियों से अनावश्यक स्टॉक नहीं करने और वास्तविक लागत के आधार पर पारदर्शी बिक्री करने की अपील की। वहीं उपभोक्ताओं से भी घबराकर जरूरत से ज्यादा शक्कर खरीदकर जमा नहीं करने को कहा। उन्होंने कहा कि समय रहते जमाखोरी और सट्टेबाजी पर कार्रवाई नहीं हुई तो रिटेल में शक्कर का भाव 70 रुपए किलो तक पहुंच सकता है।