आलीराजपुर में इंसानियत शर्मसार: जन्म लेते ही मासूम को खेत में फेंका, राहगीर की मुस्तैदी से बची जान

आलीराजपुर। जिले के ग्राम सिलौटा में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जन्म के महज कुछ ही घंटे बाद एक नवजात बच्ची को सड़क किनारे खेत में लावारिस हालत में फेंक दिया गया। गनीमत रही कि समय रहते एक राहगीर की नजर उस पर पड़ गई, जिससे मासूम की जान बच सकी। फिलहाल बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे सिलौटा क्षेत्र में हनुमान टेकरी के पास राहगीर ने खेत की झाड़ियों के बीच नवजात बच्ची को रोते हुए देखा। बच्ची का शरीर और पैर मिट्टी से सने हुए थे। राहगीर ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय जनपद सदस्य मोहन को दी, जिन्होंने बिना देरी किए पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मासूम को तत्काल आलीराजपुर जिला चिकित्सालय पहुंचाया।

अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार नवजात को शिशु गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों की प्रारंभिक जांच में बच्ची का वजन लगभग 2 किलोग्राम पाया गया है और उसका जन्म 12 से 24 घंटे पहले होने का अनुमान है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है और उसे जरूरी मेडिकल केयर दी जा रही है।
इधर पुलिस ने अज्ञात परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के गांवों में हाल ही में हुए प्रसव का डेटा खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मासूम को सुनसान जगह पर किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। घटना ने एक बार फिर नवजात शिशुओं की सुरक्षा और सामाजिक संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।