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देवास भाजयुमो अध्यक्ष की रेस में रजत-मोहित आगे: अभिषेक गोस्वामी की दावेदारी कमजोर होने की चर्चा; घोषणा का इंतजार

देवास। भारतीय जनता युवा मोर्चा देवास के जिला अध्यक्ष की घोषणा से पहले दावेदारी और समीकरणों को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार जिला अध्यक्ष पद के लिए रजत पाल, मोहित जाट और अभिषेक गोस्वामी का नाम भेजा गया है। ये तीनों नाम सामने आने के बाद अब अन्य दावेदारों में असमंजस की स्थिति बनती जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक रजत पाल को लेकर युवा मोर्चा के कुछ दावेदार विरोध कर रहे हैं। वहीं संगठन के भीतर मोहित जाट के नाम को लेकर सहमति बनने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि उन्हें वर्तमान जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष राम सोनी की नजदीकी और स्थानीय विधायकों से बेहतर तालमेल का फायदा मिल सकता है। हालांकि भाजयुमो अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम फैसला संगठन को करना है। फिलहाल किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

राम सोनी की जगह आशीष झाला की एंट्री से बदले समीकरण
संगठन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि राम सोनी प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी को लेकर दावेदारी में थे। अंतिम समय तक उनका नाम चर्चा में था। इसी बीच देवास से विद्यार्थी परिषद से जुड़े आशीष झाला को प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान मिलने के बाद स्थानीय संगठन के समीकरण बदलने की चर्चा है। इसी बदलाव के बीच राम सोनी की पसंद के रूप में मोहित जाट का नाम जिला अध्यक्ष पद की दौड़ में मजबूत माना जा रहा है।


अभिषेक गोस्वामी की दावेदारी पर सवाल
तीन नामों में शामिल अभिषेक गोस्वामी की दावेदारी को लेकर भी संगठन के भीतर अलग-अलग चर्चाएं हैं। सूत्रों का कहना है कि गोस्वामी परिवार से जुड़े लोगों को संगठन में पहले से अलग-अलग जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। ऐसे में युवा मोर्चा में जिला स्तर की नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना को कुछ लोग कमजोर मान रहे हैं।

पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की चर्चा
भाजयुमो की संभावित टीम को लेकर पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष और महामंत्री पद के लिए रजत पाल और मोहित जाट के नामों को लेकर संगठन में मंथन चल रहा है।

कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का कहना है कि जिला संगठन में लगातार सामान्य वर्ग के चेहरों को प्राथमिकता मिलने से अन्य वर्गों में निराशा बढ़ रही है। यदि युवा मोर्चा में भी पिछड़ा वर्ग से किसी कार्यकर्ता को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं मिलती है तो इसका असर जमीनी कार्यकर्ताओं के उत्साह पर पड़ सकता है।

तीन नामों पर टिका संगठन का फैसला
फिलहाल भाजयुमो जिला अध्यक्ष पद के लिए तीन नाम प्रदेश संगठन तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। अंतिम फैसला संगठन स्तर पर होना है। ऐसे में घोषणा से पहले तक स्थानीय राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरण बदलने की संभावना बनी हुई है।

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