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इंदौर में 30 दुर्लभ प्रजाति के कछुए जब्त: 2 तस्कर गिरफ्तार; नेटवर्क का पता लगा रही स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स

इंदौर। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) की इंदौर इकाई ने दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 30 कछुए जब्त किए हैं। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश के निर्देश पर दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत STSF इंदौर की टीम ने कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा।

तीन प्रजातियों के कछुए मिले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहन गौड़ पिता कमल गौड़ और केशव शर्मा पिता विमल शर्मा, दोनों निवासी मुसाखेड़ी, इंदौर के रूप में हुई है। वन विभाग के अनुसार दोनों आरोपी संगठित रूप से दुर्लभ वन्यजीवों के अवैध कारोबार और तस्करी में शामिल थे।

आरोपियों के कब्जे से इंडियन स्टार टॉर्टोइज के 14, इंडियन रूफ्ड टर्टल के 10 और स्पॉटेड पॉन्ड टर्टल के 6 कछुए बरामद किए गए। इनके अलावा तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

वन विभाग के मुताबिक बरामद तीनों प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित हैं। इनके अवैध व्यापार और तस्करी के मामले में 3 से 7 वर्ष तक के कारावास और न्यूनतम 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।

तस्करी नेटवर्क का पता लगा रही टीम
मामले में वन अपराध क्रमांक 3951/02, दिनांक 19 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, इंदौर के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें फॉरेस्ट रिमांड पर लिया गया है।

वन विभाग की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कछुओं को कहां से लाया गया, इन्हें कहां भेजा जाना था और तस्करी से जुड़े नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

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