बड़वानी कोतवाली की दीवारों पर उम्मीद के संदेश: बंदीगृह में लगाए सुविचार वाले पोस्टर; SP बोले-एक गलती जीवन का अंत नहीं

बड़वानी। जिला पुलिस प्रशासन ने ‘सुधार और सेवा’ की सोच के साथ बड़वानी कोतवाली थाने में एक नई पहल की है। पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल के मार्गदर्शन में थाने के हवालात यानी बंदीगृह की तस्वीर बदल दी गई है।
यहां की दीवारों को प्रेरक चित्रों और सुविचारों से सजाया गया है, ताकि बंदियों के बीच भी सकारात्मक सोच विकसित हो। बंदीगृह की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग्स, महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग और जीवन को बेहतर बनाने वाले सुविचार लिखे गए हैं। इनमें प्रमुख संदेश है- ‘एक गलती जीवन का अंत नहीं, सुधार की शुरुआत हो सकती है।’
पुलिस के अनुसार इन संदेशों का उद्देश्य बंदियों को अपनी गलतियों पर विचार करने और अपराध का रास्ता छोड़कर धर्म, सत्य और सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

कोतवाली को मिला ISO प्रमाणपत्र
बेहतर व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण और कार्यप्रणाली में सुधार के चलते बड़वानी कोतवाली थाने को ISO गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार यह प्रमाणपत्र थाने में व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाता है।

बाल-मित्र कक्ष और हेल्प डेस्क भी संवारे
थाना परिसर में महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए बनाए गए बाल-मित्र कक्ष और हेल्प डेस्क को भी विशेष रूप से सजाया गया है। इसका उद्देश्य थाने में आने वाले फरियादियों को सुरक्षित और सहज माहौल उपलब्ध कराना है।

सजा के साथ सुधार पर जोर
पुलिस की इस पहल के पीछे बंदियों के प्रति सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का उद्देश्य है। संदेश दिया जा रहा है कि कानून के तहत कार्रवाई के साथ व्यक्ति को अपनी गलती सुधारने और बेहतर जीवन की ओर लौटने का अवसर भी मिलना चाहिए। पुलिस प्रशासन की यह पहल ‘सुधार और सेवा’ की सोच को आगे बढ़ाने वाली बताई जा रही है।