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सेंधवा में कोतवाल समाज की मांग पर सरकार ने शुरू किया सर्वे: 5 जिलों से लोग पहुंचे; प्रतिनिधियों में खुशी

सेंधवा। अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल किए जाने की मांग कर रहे कोतवाल समाज को अब नई उम्मीद जगी है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य के हस्तक्षेप के बाद मध्यप्रदेश शासन ने समाज को लेकर विशेष नृवंशविज्ञान अध्ययन शुरू किया है।

इस अध्ययन में कोतवाल समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। समाज की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए अध्ययन में विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

पांच जिलों से सेंधवा पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
शासन की पहल के बाद कोतवाल समाज में खुशी का माहौल है। इसी को लेकर मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के पांच जिलों से समाज का प्रतिनिधिमंडल सेंधवा पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य से मुलाकात की। समाज के लोगों ने पुष्पमाला और पुष्पगुच्छ से उनका स्वागत किया। इस दौरान आर्य का सम्मान भी किया गया।

वर्षों पुरानी मांग को मिली नई दिशा
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि कोतवाल समाज की मांग लंबे समय से लंबित है। आर्य की पहल के बाद इस मांग को नई दिशा मिली है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि नृवंशविज्ञान अध्ययन पूरा होने के बाद कोतवाल समाज की सामाजिक और आदिवासी पहचान सामने आएगी। समाज के लोगों को उम्मीद है कि अध्ययन के आधार पर अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल किए जाने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

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