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सावन में अब तक 77 लाख भक्तों ने किए महाकाल के दर्शन: 375 करोड़ का हुआ कारोबार; परिवहन और पर्यटन को मिल रहा लाभ

उज्जैन। सावन मास में महाकाल के दर्शन के लिए लाखों भक्त उज्जैन पहुँच रहे है। विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और जिला प्रशासन की ओर से दर्शन, सुरक्षा, यातायात सहित अन्य व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

मंदिर प्रबंध समिति की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक सावन मास के शुरुआती 20 दिनों में 77 लाख 51 हज़ार 231 से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सावन माह के अभी करीब 10 दिन शेष हैं। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़न की संभावना है।

75 लाख श्रद्धालु, करीब 375 करोड़ का अनुमानित कारोबार
श्रद्धालुओं की इस बड़ी संख्या का सीधा असर उज्जैन की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। यदि एक श्रद्धालु उज्जैन प्रवास के दौरान औसतन 500 रुपये भी खर्च करता है तो 75 लाख श्रद्धालुओं के आधार पर यह राशि करीब 375 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

परिवहन और पर्यटन को मिल रहा लाभ 
श्रद्धालुओं का यह खर्च होटल, धर्मशाला, भोजनालय, रेस्टोरेंट, चाय-नाश्ते की दुकानों, ऑटो-ई-रिक्शा, टैक्सी, पेट्रोल-डीजल, प्रसाद, फूल-माला, धार्मिक सामग्री और स्थानीय बाजार में होता है। इससे शहर के छोटे-बड़े व्यापारियों के साथ ही परिवहन और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी फायदा मिल रहा है।

ज्यादा-कम भी हो सकता है खर्च 
हालांकि 500 रुपये प्रति श्रद्धालु का आंकड़ा एक अनुमान के आधार पर है। वास्तविक खर्च इससे कम या अधिक हो सकता है। इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक दिन से अधिक समय तक उज्जैन में रुकते हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में होने वाला वास्तविक आर्थिक प्रभाव और बड़ा हो सकता है।

सोशल मीडिया ने बढ़ाई महाकाल की लोकप्रियता
बाबा महाकाल के प्रति देशभर में बढ़ रही आस्था के बीच सोशल मीडिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। महाकाल मंदिर, भस्म आरती, सवारी, महाकाल लोक और उज्जैन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होते रहते हैं। इसके चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों में दर्शन के लिए उत्साह बढ़ रहा है।

दर्शन से मन को शांति मिलती है
कई श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा महाकाल के दर्शन से मन को शांति मिलती है और उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति होती है। यही आस्था उन्हें बार-बार उज्जैन आने के लिए प्रेरित करती है।

सावन के बचे 10 दिनों में और बढ़ सकती है भीड़
महीने के अंत तक दर्शनार्थियों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। श्रावण मास के दौरान बाबा महाकाल की सवारी, प्रमुख पर्व और धार्मिक आयोजनों के चलते भी श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी आती है। यही वजह है कि मंदिर प्रबंध समिति के साथ जिला प्रशासन को भी लगातार बढ़ती भीड़ के अनुसार व्यवस्थाओं को अपडेट करना पड़ रहा है।

शहर में धार्मिक पर्यटन का दायरा लगातार बढ़ रहा
मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या उज्जैन के धार्मिक पर्यटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। महाकाल मंदिर और महाकाल लोक के कारण उज्जैन पहले ही देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। लाखों  श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना इस बात का संकेत है कि शहर में धार्मिक पर्यटन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

पर्यटन के मामले में फिर आगे निकल सकता है उज्जैन
यदि श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में उज्जैन एक बार फिर मध्यप्रदेश में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में अग्रणी शहर बन सकता है। बढ़ती धार्मिक आस्था के साथ इसका सीधा फायदा उज्जैन के व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और पर्यटन से जुड़े रोजगार को भी मिल रहा है।

19 दिन का आँकडा हुआ रिकॉर्ड
30 जुलाई से 17 अगस्त 2026 तक श्री महाकालेश्वर मंदिर में कुल 77,51,231 श्रद्धालुओं के दर्शन की बात करे तो नीचे दिनों के हिसाब से महाकाल मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धांलुओ के आंकड़े इस प्रकार है-

 

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