रीवा संजय गांधी में जिंदा मरीज को बताया मृतक: हाथ पकड़ा तो चल रही थीं सांसें; HOD डॉ. पीके बघेल बोले- पहला मामला

रीवा। संजय गांधी अस्पताल में इलाजरत एक मरीज को कथित तौर पर मृत घोषित किए जाने का मामला सामने आया है। परिजन मरीज को घर ले जाने की तैयारी में शव वाहन तक बुक कर चुके थे। इसी दौरान उन्होंने मरीज को देखा तो उसकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और मरीज को दोबारा इलाज के लिए शिफ्ट किया गया।
एक दिन पहले गंभीर हालत में भर्ती हुआ था मरीज
जानकारी के मुताबिक, सीधी निवासी गिरजा प्रसाद को गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल लाया गया था। वह एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती हुए थे। डॉक्टर द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजन शव को घर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए शव वाहन भी बुक कर लिया गया था।
इसी दौरान परिजनों ने मरीज का हाथ पकड़कर देखा तो उसमें हरकत महसूस हुई और सांसें चलती मिलीं। परिजनों ने तत्काल अस्पताल के स्टाफ को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मरीज को दोबारा इलाज के लिए शिफ्ट किया गया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और इलाज जारी है।
प्रथम वर्ष के छात्र ने की थी जांच, डेथ घोषित करने की बात
मामले में मेडिसिन विभाग के HOD डॉ. पीके बघेल ने इसे बेहद दुर्लभ स्थिति बताया। उनके मुताबिक, प्रथम वर्ष के एक छात्र ने मरीज की जांच के बाद उसे मृत घोषित किया था। बाद में मरीज के जिंदा होने की जानकारी सामने आई।
डॉ. बघेल के अनुसार, ऐसी स्थिति को लाजरस सिंड्रोम (Lazarus syndrome) कहा जाता है। मेडिकल साहित्य में इसके मामले बेहद कम सामने आने की बात उन्होंने कही। फिलहाल मरीज की स्थिति क्रिटिकल है और उसका इलाज जारी है।
किस आधार पर मृत घोषित किया, यह जांच का विषय
घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप की स्थिति बन गई। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार किया है। मरीज को किस आधार पर मृत घोषित किया गया और इसमें किस स्तर पर चूक हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।