पेटलावद हत्याकांड का खुलासा: शक के चलते बेरहमी से पीटकर ले ली जान; आरोपी पर पहले से 13 गंभीर मामले दर्ज

झाबुआ। हरिराम गेहलोत हत्याकांड का पुलिस ने कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में इस्तेमाल बोलेरो वाहन, हथियार और कपड़े भी जब्त किए गए हैं।
घर में घुसकर की थी मारपीट
पुलिस के अनुसार, 2 अगस्त 2026 की रात अटल बस्ती निवासी भुलीबाई (42) ने पेटलावद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके परिचित हरिराम पिता गोमाजी गेहलोत निवासी धुलेट, जिला धार के साथ देवा सिंगाड निवासी संजय कॉलोनी राजगढ़, जिला धार, एक विधि-विरुद्ध बालक, देवा के जमाई और एक अन्य व्यक्ति ने घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट की।
हमले में हरिराम गेहलोत को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे पेटलावद, राजगढ़ और धुलेट क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
अवैध संबंधों के शक में रची गई वारदात
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी देवा सिंगाड के भुलीबाई के साथ पिछले 10-12 वर्षों से संबंध थे। पुलिस के मुताबिक देवा ही भुलीबाई को पेटलावद में किराये का मकान दिलाने और उसके खर्च की व्यवस्था करता था।
देवा को शक था कि हरिराम गेहलोत के भी भुलीबाई के साथ संबंध हैं। घटना की रात उसने खिड़की से झांककर हरिराम को घर के अंदर देखा। इसके बाद उसने साथियों के साथ दरवाजा खुलवाया और दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसी दौरान हरिराम की मौत हो गई।
परिजनों को भी धमकाया
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी मृतक के पैतृक गांव धुलेट भी पहुंचे। वहां उन्होंने परिजनों को धमकाया और वायरल वीडियो दिखाकर हत्या की वजह बताई।
विशेष टीम बनाकर की गई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया और एसडीओपी पेटलावद अनुरक्ति साबनानी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया के नेतृत्व में तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है: अर्जुन उर्फ राजू भूरिया निवासी छोटा माछलिया
मुख्य आरोपी पर 13 गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी देवा सिंगाड के खिलाफ राजगढ़ थाने में 13 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना, उप निरीक्षक राजाराम भगोरा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों और आरक्षकों की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने इसे त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच का सफल उदाहरण बताया है.